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उत्तराखंड: तैयार होगा कैंसर के मरीजों का डाटा, ऋषिकेश एम्स ने शुरू किया रजिस्ट्री प्रोजेक्ट

Fri, 07 Feb 2020 04:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 07 Feb 2020 04:02 PM IST
सार

  • पहले चरण में हरिद्वार व ऋषिकेश को किया शामिल
  • आबादी के आधार पर किया जाएगा कैंसर मरीजों का पंजीकरण

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Cancer patients data will be ready in uttarakhand soon
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में कैंसर मरीजों का आकलन व वास्तविक संख्या का पता लगाने के लिए पहली बार डाटा तैयार किया जाएगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने कैंसर रजिस्ट्री प्रोेजेक्ट शुरू किया है। पहले चरण में प्रोजेक्ट के तहत हरिद्वार व ऋषिकेश क्षेत्र को शामिल किया गया है। 

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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की कैंसर रजिस्ट्री योजना को एम्स ऋषिकेश में शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। एम्स प्रशासन ने इस योजना को संचालित करने के लिए स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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दो माह के भीतर प्रदेश में आबादी के आधार पर कैंसर मरीजों का पंजीकरण शुरू किया जाएगा। जिसमें कैंसर मरीज की पूरी केस स्टडी दर्ज की जाएगी। अभी तक प्रदेश में कैंसर मरीजों का सही आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। 

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क्या है कैंसर रजिस्ट्री

कैंसर रजिस्ट्री में मरीजों का आंकड़ा एकत्रित किया जाता है। यह रजिस्ट्री दो प्रकार की होती है। जनसंख्या और अस्पताल आधारित। जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) में मरीज की जानकारी क्षेत्र और समुदाय के अनुसार एकत्रित की जाती है। जबकि अस्पताल आधारित कैंसर रजिस्ट्री (एचबीसीआर) में सिर्फ अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले कैंसर मरीज का रिकॉर्ड रखा जाता है। 

कैंसर से निपटने के लिए तभी कारगर हेल्थ स्कीम बनाई जा सकती है। जब यह पता हो कि किस क्षेत्र से कितने कैंसर के मरीज हैं। एम्स को कैंसर रजिस्ट्री प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है। जिसमें आबादी के आधार पर कैंसर मरीजों का पंजीकरण किया जाएगा। इससे यह पता लग सकेगा कि किस क्षेत्र में कितने मरीज कैंसर से पीड़ित हैं और उनमें किस प्रकार का कैंसर है। 
- डॉ. पंकज गर्ग, सीनियर कैंसर सर्जन, एम्स ऋषिकेश

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