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देखकर नहीं सुनकर पढ़िए कुरान
देहरादून/आफताब अजमत
Updated Sun, 28 Jul 2013 01:37 PM IST
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कुरान पाक को समाज के हर तबके तक पहुंचाने के लिए बहुत से तरीके ईजाद किए जा चुके हैं। अब दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपी में भी कुरान मौजूद है। केवल दो पृष्ठों का सबसे बड़े आकार का कुरान है तो दूसरी ओर पौने दो ग्राम का सबसे छोटा कुरान भी मौजूद है।
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तस्मिया एकेडमी के बैनर तले कुरान प्रदर्शनी का आयोजन इंदर रोड पर किया गया है। प्रदर्शनी की शुरुआत मिस्त्र के कारी शेख अलमहदी ताहा इस्माईल और शेख आदिल अलबाज ने कुरान पाक के पाठ से की।
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प्रदर्शनी में मौजूद डिजीटल पेन रीडर के माध्यम से कुरान को पढ़ने के साथ ही सुना भी जा सकता है। डा. फैसल ने बताया कि अगर आप इसका अनुवाद अपनी भाषा में सुनना चाहते हैं तो यह सुविधा भी आपके लिए मौजूद है।
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दो दिवसीय प्रदर्शनी में लीबिया और सूडान एंबेसी की ओर से इस साल कुरान भेंट किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में मक्का के फ्लोर का पत्थर, हजरत नूह के कश्ती वाले पेड़ की तस्बीह, ईरानी एंबेसी से आया शजरा, 750 वर्ष पहले सोने और पत्थरों को घिसकर बनाई गई स्याही से लिखा कुरान पाक भी लोग देख सकते हैं।
प्रदर्शनी के आयोजक डा. एस फारूक ने बताया कि उन्हें वर्षों पहले कुरान पाक के कलेक्शन का शौक पैदा हुआ। रविवार को प्रदर्शनी का अंतिम दिन होगा। सुबह 9 से 10 बजे तक केवल पर्दानशीं महिलाओं के लिए प्रदर्शनी खुलेगी।
इसके पश्चात आम जनता के लिए प्रदर्शनी शाम पांच बजे तक खोली जाएगी। इस अवसर पर डा. एस फारूक, ब्रिगेडियर केजी बहल, राकेश ओबेराय, डा. आईपी सक्सेना, मुफ्ती वसीउल्लाह डा. आईपी पांडे, जहांगीर अहमद, संजय जैन आदि मौजूद रहे।
गुरमुखी में कुरआन का अनुवाद
पवित्र कुरान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देश और दुनिया की हर भाषा में कुरान का अनुवाद किया गया है। प्रदर्शनी में गुरुमुखी, पंजाबी, कन्नड़, मलयालम, उड़िया जैसी भारतीय भाषाओं के अलावा वियतनामी, आइसलैंडिक, पर्शियन, अंग्रेजी, मलेशियन, फ्रेंच, जापानी, टर्किश, चाइनीज, फिलिप आदि भाषाओं में कुरान पाक का अनुवाद मौजूद है।