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देहरादून: हाईटेंशन लाइनें टूटने से राजधानी में रहा गंभीर बिजली संकटी, 12 घंटे बाधित रही आपूर्ति 

Tue, 04 Jan 2022 12:15 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Tue, 04 Jan 2022 12:15 AM IST
सार

सोमवार सुबह तार टूटने की जानकारी मिलते ही पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लि. (पिटकुल) और उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के आला अधिकारियों की अगुवाई में दर्जनभर से अधिक इंजीनियरों की टीमों ने मोर्चा संभाला।

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Buildings built under high tension lines against rules
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

ऋषिकेश-बिंदाल-माजरा और ऋषिकेश-बिंदाल फीडर की हाईटेंशन लाइनें टूटने से सोमवार को राजधानी के 40 प्रतिशत से अधिक इलाकों में गंभीर बिजली संकट खड़ा हो गया। हाईटेंशन लाइनों के तार आईएसबीटी हरिद्वार बाईपास पर स्थित होटल के परिसर में गिरने के साथ ही खेतों और दर्जन भर से अधिक मकानों के ऊपर गिरे। गनीमत रही कि हाईटेेंशन लाइनों के तार टूटने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। 

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सोमवार सुबह तार टूटने की जानकारी मिलते ही पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लि. (पिटकुल) और उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के आला अधिकारियों की अगुवाई में दर्जनभर से अधिक इंजीनियरों की टीमों ने मोर्चा संभाला। 12 घंटे की जद्दोजहद के बाद हाईटेंशन लाइनों की मरम्मत करने के बाद ही राजधानी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बहाल किया जा सका। हालांकि लोड अधिक होने की वजह से दो दो घंटे की रोस्टिंग करके जैसे तैसे बिजली आपूर्ति को बनाए रखा गया। वहीं सुबह सात बजे बिजली आपूर्ति ठप होने की वजह से जलापूर्ति बाधित रही जिसके चलते लोगों को पानी के संकट का भी सामना करना पड़ा। 
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हाईटेंशन लाइनें टूटने के बावजूद बाल बाल टला बड़ा हादसा 
रिस्पना बिंदाल माजरा 132केवी हाईटेंशन लाइनें टूटने के बाद आईएसबीटी हरिद्वार बाईपास रोड स्थित एक होटल के परिसर में गिरने के साथ ही टूटी लाइनों के तार दर्जनों मकानों की छतों पर जा गिरे। गनीमत रही कि इस दौरान कोई भी लाइन की चपेट में नहीं आया वरना बड़ा हादसा हो जाता है। पिटकुल और यूपीसीएल अधिकारियों ने भी किसी प्रकार का हादसा नहीं होने से राहत की सांस ली
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हाईटेंशन लाइन टूटने से इन इलाकों में बाधित रही बिजली आपूर्ति 
132 केवी हाईटेंशन लाइन के तार टूटने की वजह से आईएसबीटी, माजरा, क्लेमेंटटाउन, घंटाघर, राजपुर रोड, कारगी चौक, ब्राह्मणवाला, चमनपुरी, निरंजनपुर मंडी, वसंत विहार, शक्ति विहार, शांति विहार, केवल विहार, देहराखास, टीएचडीसी कॉलोनी, आदर्श विहार, विद्या विहार, पथरीबाग, गुरु रोड, पटेलनगर इंडस्ट्रियल एरिया, किशननगर, इंदिरानगर समेत राजधानी के करीब 40 प्रतिशत इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। 

इंसुलेटर क्रैक होने से टूटे हाईटेंशन लाइनों के तार 
पिटकुल, यूपीसीएल के अधिकारियों की मानें तो ठंड में इंसुलेटर क्रैक हो जाते हैं जिसके चलते हाईटेंशन लाइनों के तार के संभावनाएं बढ़ जाती है। पिटकुल व यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार यादव ने बताया कि इंसुलेटर क्रेक होने की वजह से हाईटेंशन लाइनों के तार टूटे। 

ऋषिकेश-बिंदाल-माजरा हाईटेंशन लाइनों के तार टूटने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। फिलहाल अधिकारियों की अगुवाई में इंजीनियरों ने 12 घंटे के भीतर हाईटेंशन लाइनों की मरम्मत करके बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया। इस दौरान बिंदाल और माजरा क्षेत्रों को दूसरे क्षेत्रों से जोड़कर फिलहाल रोस्टिंग के आधार पर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। फिलहाल तमाम खामियों को दूर कर आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है।
- अनिल कुमार यादव, प्रबंध निदेशक, पिटकुल व यूपीसीएल

नियम विरुद्ध हाईटेंशन लाइनों के नीचे बन गए भवन 
पिटकुल की हाईटेंशन लाइनों के नीचे राजधानी में आवासीय और व्यावसायिक भवन बना दिए गए हैं। जबकि बिजली विभाग के प्रावधानों के साथ ही एमडीडीए की बिल्डिंग बाइलाज के मुताबिक किसी भी आवासीय व व्यावसायिक भवन को हाईटेंशन लाइनों के नीचे बनाया ही नहीं जा सकता है। एमडीडीए से भवनों के मानचित्रों की स्वीकृति लेने के बाद निर्माण करना है तो इस बात की जानकारी देनी होती है कि भवन हाईटेंशन लाइनों के नीचे तो नहीं है। लेकिन इन सब प्रावधानों के बावजूद राजधानी में तमाम ऐसे भवन बना दिए गए हैं जो ठीक हाईटेंशन लाइनों के नीचे हैं। ऐसे में यदि किसी कारण बस हाईटेंशन लाइनें टूटकर इन भवनों पर गिरती है तो बड़ा हादसा होना तय है। इस संबंध में जब एमडीडीए के अधीक्षण अभियंता एचसीएस राणा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि किसी भी भवन का मानचित्र स्वीकृत करते समय इस बात की भी जानकारी जुटाई जाती है कि भवन हाईटेंशन लाइनों के नीचे तो नहीं है। इन सब प्रावधानों के बावजूद निर्माण कर लिए गए हैं तो ऐसे भवनों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।


मकान की छत पर गिरा हाईटेंशन तार, सहमे लोग
हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर ब्राम्हणवाला में कई घरों की छतों पर गिरने से हड़कंप मच गया। करंट से बचने को लेकर लोग बाहर निकल गए। आसपास के खेतों में कुछ लोग काम कर रहे थे और खेत में ही तार टूटकर गिरने से वहां भी भगदड़ मच गई। लेकिन लोगों ने तब राहत की सांस ली जब उन्हें पता चला कि टूटकर गिरे तार में करंट नहीं है। ब्राह्मणवाला निवासी अकरम ने बताया कि हाईटेंशन लाइन का तार टूटने की घटना में उनका परिवार बाल-बाल बचा। हाईटेंशन लाइन का तार कई घरों और दुकानों पर भी टूट कर गिरा। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी क्षेत्र में दो बार हाईटेंशन तार टूट कर गिर चुका है।

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