नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में करोड़ों की रकम जमा कराने वाला एक बिल्डर आयकर के शिकंजे में फंस गया। बिल्डर ने बैंक खातों में साढ़े तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा करायी थी।
आयकर विभाग ने बिल्डर के यहां छानबीन की। बिल्डर ने 1.10 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए हैं। उसके सभी कागजात आयकर विभाग ने जब्त कर पड़ताल शुरू कर दी है।
बिल्डर राज लुंबा का जेजे बिल्डटेक के नाम से कालीदास रोड पर कार्यालय है। सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी के दौरान बिल्डर ने साढ़े तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दो खातों में जमा कराई थी। बैंक खातों की छानबीन के दौरान तथ्य आयकर विभाग के सामने आया तो डिप्टी डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन अजय सोनकर, मोहन जोशी, विपिन भट्ट, ललित सोनकर आदि के नेतृत्व में बिल्डर के कार्यालय में सर्वेक्षण किया गया।
सर्वेक्षण के दौरान ही बिल्डर ने एक करोड़ दस लाख रुपये सरेंडर कर दिए। सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने सभी दस्तावेज जब्त कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जल्द ही शहर में ऐसे कई और बिल्डर आयकर विभाग के शिकंजे में फंसने वाले हैं।
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- फोटो : income tax
नोटबंदी के दौरान खातों से लेनदेन में हुई गड़बड़ी में कई बैंक अधिकारी भी आयकर विभाग के निशाने पर आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक ऐसे अधिकारियों की जांच पड़ताल की जा रही है। कई बैंकों को लेनदेन की गड़बड़ी पर नोटिस भी जारी किए गए हैं। जल्द ही कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।