{"_id":"19481bfde96ee842456a364e5ad19be3","slug":"builder-save-srvice-tax-in-dehradun-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राहक से ही लोन लेकर चूना लगा रहे बिल्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राहक से ही लोन लेकर चूना लगा रहे बिल्डर
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 25 Aug 2014 12:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आकाश को एक फ्लैट खरीदना था। उसने एक बिल्डर से संपर्क किया, जिसका देहरादून के पॉश इलाके में निर्माण चल रहा था।
विज्ञापन
सर्विस टैक्स में बड़े लेवल पर गोलमाल
इस इमारत में बन रहे फ्लैट का कब्जा दो साल में मिलना था। 20 लाख के इस फ्लैट के लिए बिल्डर ने उससे 30:30:40 के रूप में पेमेंट तय किया। खेल यह किया गया कि 30 फीसदी राशि यानी छह लाख रुपए ग्राहक के एकाउंट से लोन के रूप में लिए गए।
कब्जे के वक्त यह लोन ग्राहक को चुकता दिखा दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कहीं भी ‘सर्विस’ साबित न होने से बिल्डर सर्विस टैक्स, जो कि 12.36 फीसदी की दर से तकरीबन 75 हजार बनता था, हजम कर गया। सर्विस टैक्स में बड़े लेवल पर कुछ इसी तरह का गोल-माल चल रहा है।
विज्ञापन
राजधानी देहरादून में बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी का धंधा फल-फूल रहा है। बाहरी ग्राहक भी शांति की तलाश में दून में फ्लैट, जमीन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। इस से बिल्डरों की चांदी है।
विज्ञापन
ग्राहक से होने वाली कमाई पर टैक्स न भरना पड़े, इसके लिए उन्होंने जुगत लगाई है। बिल्डर ग्राहक से ही लोन ले सर्विस टैक्स का चूना लगा रहे हैं। इस तरह की बड़ी शिकायतें सर्विस टैक्स विभाग को पहुंच रही है।
आलम यह है कि प्रॉपर्टी डीलरों के पास ही सर्विस टैक्स का सबसे ज्यादा पैसा फंसा है। इसका प्रतिशत 70 के आस-पास है। खुद विभागीय अधिकारी प्रॉपर्टी डीलरों के इस नए तरीके से टैक्स चोरी का तोड़ नहीं ढूंढ पा रहे हैं।
सूचनाएं एकत्र कर रहे, कार्रवाई होगी
बिल्डरों के ग्राहकों से लोन ले सर्विस टैक्स दबाने की कई शिकायतें मिल रही हैं। इनके खिलाफ सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। इसकेबाद इन पर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्य में समस्या ट्रांजेक्शन से जुड़े सुबूतों के न होने की आ रही है।
- आरपी सिंह, डिप्टी कमिश्नर, सेंट्रल एक्साइज, कस्टम, सर्विस टैक्स