Budget 2022 : उत्तराखंड के लिए उम्मीदों का बजट, पहाड़ में रोपवे और सरहद पर रोड कनेक्टिविटी लेगी विस्तार
पहाड़ में रोपवे और सरहद पर रोड कनेक्टिविटी विस्तार लेगी। ब्याज मुक्त ऋण के रूप में राज्यों को एक लाख करोड़ का आवंटन से होगा परिसंपत्तियों का निर्माण।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट हिमालयी राज्य उत्तराखंड के लिए थोड़ी उम्मीद जगाता दिख रहा है। आम बजट में राज्यों को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में एक लाख करोड़ के आवंटन की व्यवस्था की गई है। इससे उत्तराखंड को अपनी अर्थव्यवस्था और विकास की गति को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पूंजीगत व्यय और परिसंपत्तियों के निर्माण में मिलेगी मदद
आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इससे राज्य में पूंजीगत व्यय और परिसंपत्तियों के निर्माण में मदद मिलेगी। आय के सीमित साधनों वाले उत्तराखंड को अवस्थापना विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए ऋण लेने और इस पर लगने वाले ब्याज के बोझ से छुटकारा मिलेगा।
जानकार राज्यों के ऋण लेने की सीमा में बढ़ोतरी की उम्मीद भी जता रहे हैं। रोपवे कनेक्टिविटी और अवस्थापना विकासउत्तराखंड राज्य में लंबे समय से रोपवे कनेक्टिविटी की मांग हो रही है। भौगोलिक कठिनाइयों और पर्यावरणीय चुनौतियों की वजह से राज्य के हर गांव तक सड़क पहुंचाना मुमकिन नहीं।
पर्यटन राज्य होने की वजह से कई सैरगाहें और धार्मिक स्थल सैलानियों की सहज पहुंच से इसलिए दूर हैं कि इन तक पहुंचने के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है। सीआईआई के उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष अभिमन्यु मुंजाल कहते हैं, राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम पहाड़ी राज्यों में कनेक्टिविटी में सुधार करेगा। राज्य में केंद्र सरकार ने चार रोपवे को मंजूरी दी है, जिसमें केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट भी शामिल है। केंद्र सरकार की प्राथमिकता से राज्य में संचालित रोपवे परियोजना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सीमा पर सड़कों का विस्तार, सीमांत गांवों में होगी तरक्की
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के बजट में बढ़ोतरी का लाभ भी उत्तराखंड राज्य की ग्रामीण कनेक्टिविटी में विस्तार को मिलेगा। सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम में भी बजट बढ़ाकर 22 करोड़ से 566 करोड़ किया गया है, जिसका लाभ राज्य के सीमांत गांवों को मिलेगा।
सौर ऊर्जा योजना को मिलेगी शक्ति
पहली बार आम बजट में सोलर और विंड एनर्जी के लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है। आर्थिक मामलों के जानकार मनोज कुमार पंत के मुताबिक, इसका उत्तराखंड को लाभ मिलेगा। उत्तराखंड सरकार पिछले पांच साल से सौर ऊर्जा योजना पर काम कर रही है।
जानकारों के मुताबिक, स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में यह योजना मील का पत्थर साबित हो सकती है। जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगी। गंगा किनारे गांवों में जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजना का लाभ भी उत्तराखंड को मिलेगा। राज्य में गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे सैकड़ों की संख्या में गांवों हैं।
इन योजनाओं का लाभ मिलेगा
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, राज्य में संचालित जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय शिक्षा मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, किशोर बालिका के लिए योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, सूक्ष्म आंगनबाड़ी एवं पोषण योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसरंचना, सोलर ऊर्जा(ग्रिड) का उत्तराखंड को लाभ मिलेगा।इन सभी योजनाओं के बजट में बढ़ोतरी हुई है।
नौकरी पेशा लोगों की उम्मीदें टूटी
आम बजट में आयकरदाताओं को राहत न मिलने से उत्तराखंड राज्य के नौकरी पेशा लोगों की उम्मीदें टूटी हैं। वे चुनावी साल में आयकर में छूट की उम्मीद कर रहे थे। अलबत्ता नई पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारियों को जरूरत कुछ राहत मिली है।