रुड़की: बाग में पेड़ से लटका मिला बीएससी के छात्र का शव, घर का था इकलौता चिराग, एक महीने पहले हुई थी शादी
- बाइक ठीक कराने निकला था छात्र, फिलहाल आत्महत्या मानकर चल रही पुलिस
- एक मार्च को हुई थी युवक की शादी, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
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उत्तराखंड के रुड़की में बाइक रिपेयरिंग कराने घर से निकले बीएससी के छात्र का शव गांव के बाहर बाग में पेड़ से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या मानकर चल रही है। वहीं, बताया जा रहा है कि बीती एक मार्च को ही छात्र की शादी हुई थी। लिहाजा एक महीने बाद ही उसका यह कदम उठाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के असल कारण का पता चलेगा।
भगवानपुर थाना क्षेत्र के महेश्वरी गांव निवासी विपुल परमार (22) पुत्र उपसम एक कॉलेज में बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र थे। बीती एक मार्च को विपुल की शादी हुई थी। परिवार वालों के अनुसार, रविवार दोपहर विपुल बाइक ठीक कराने के लिए घर से निकले, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर विपुल की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन रातभर तलाश करने के बाद भी विपुल का कुछ पता नहीं चल सका। सोमवार को परिजनों ने पास के जंगल में खोजबीन की तो गांव के पास ही एक आम के बाग में विपुल की बाइक खड़ी मिली। उन्होंने अंदर जाकर देखा तो कुछ दूरी पर एक पेड़ पर विपुल का शव रस्सी से लटका हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो परिजनों ने इनकार कर दिया।
नहीं रहा कोई सहारा
सूचना पाकर भगवानपुर विधायक ममता राकेश और थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तेज्जूपुर चौकी प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
वहीं, भगवानपुर थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला घरेलू विवाद में आत्महत्या का लग रहा है, मौत के असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
बताया जाता है कि विपुल अपने माता-पिता के इकलौते संतान थे। उनकी मौत के बाद अब परिवार का कोई सहारा नहीं बचा। घटना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सब कुछ तो ठीक चल रहा था, फिर विपुल ने ऐसा कदम उठाया?