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जमीन के लिए छोटे भाई के खून से रंग लिए अपने हाथ, खुद बताया कैसे दिया खौफनाक वारदात को अंजाम 

Thu, 20 Dec 2018 08:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 20 Dec 2018 08:17 PM IST
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Brother Murder mystery revealing accused to all truth to police in haridwar
हत्यारा भाई

संपत्ति बेचने में रोड़ा बनने पर देवबंद (सहारनपुर) के योगेंद्र को उसके ही बड़े भाई ने ही मौत के घाट उतारा था। रानीपुर पुलिस और सीआईयू ने योगेंद्र हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए आरोपी बड़े भाई लोकेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। घटनास्थल के पास से ही हत्या में इस्तेमाल हुए चाकू का टुकड़ा भी बरामद किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

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 कोतवाली रानीपुर परिसर में नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि योगेंद्र (36) पुत्र प्रकाश चंद्र निवासी गांव दीवालहेड़ी देवबंद सहारनपुर यूपी का शव पांच नवंबर को सुमनगर नगर के जंगल से बरामद हुआ था। मृतक के पेट में धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या की गई थी। करीब एक माह बाद यहां पहुंचे उसके बड़े भाई लोकेंद्र ने ही फोटो के आधार पर मृतक की शिनाख्त अपने भाई योगेंद्र के रूप में की थी।
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नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि आरोपी ने बताया था कि उसका भाई शादी के लिए लड़की देखने की बात कहकर घर से निकला था। लेकिन उसकी शादी कौन करा रहा है और किससे हो रही है, इस बारे में उसे जानकारी नहीं है। एसपी सिटी ने बताया कि लोकेंद्र बार बार बयान बदल रहा था। इसलिए उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने छोटे भाई की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
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रैकी कर दिया हत्याकांड को अंजाम 

एसपी सिटी ने बताया कि दोनों भाइयों की गांव में करीब 24 बीघा पैतृक भूमि है और आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते लोकेंद्र अपना हिस्सा बेचना चाहता था। योगेंद्र उसे हिस्सा नहीं बेचने दे रहा था और पिता भी भूमि बेचने के खिलाफ थे। एसपी सिटी ने बताया कि रुड़की की एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत लोकेंद्र ने करीब पंद्रह दिन पूर्व हत्या की योजना बना ली थी। चार नवंबर को रुड़की से चाकू खरीदा। फिर उसने छोटे भाई को लड़की दिखाने के बहाने से यहां बुलाकर सुनसान स्थान पर पहुंचते ही पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी और फरार हो गया। बताया कि सबसे छोटा भाई रविंद्र फरीदाबाद हरियाणा में नौकरी कर रहा है।  

छोटे भाई का कत्ल करने के बाद अब पछता रहे बड़े भाई ने रैकी कर हत्याकांड को अंजाम दिया। वह दो बार यहां आकर सुनसान स्थान की लोकेशन देखकर भी गया था। फिर अपनी योजना के तहत ही उसने छोटे भाई को यहां लाकर उसकी हत्या कर दी और सीधे रुड़की में अपने कमरे पर पहुंचा। कुछ दिन बाद वह सहारनपुर गया था, जब परिजन ने उसे जानकारी दी थी कि योगेंद्र घर नहीं आया है।  
 

मजबूरी में आना पड़ा शिनाख्त करने 

भाई की शिनाख्त के लिए आना हत्यारोपी भाई के लिए गले की फांस बन गया था। दरअसल, स्थानीय पुलिस ने मृतक की शिनाख्त के लिए पंपलेट वितरित किए थे। सोशल मीडिया का भी सहारा लिया था। तभी किसी परिचित ने पंपलेट देखकर लोकेंद्र को सूचना दी। इसी कारण लोकेंद्र को भाई की पहचान करने के लिए आना पड़ा, वरना वह कभी भी यहां न आता।  

इस तरह सुलझी गुत्थी 

योगेंद्र हत्याकांड में मृतक के मोबाइल फोन के कॉल  डिटेल रिकार्ड से ही कामयाबी मिली है। चार नवंबर को मृतक की केवल अपने ही भाई से बातचीत हुई थी, उसके अलावा किसी दूसरे शख्स से बात ही नहीं हुई थी। दूसरी बात ये निकलकर आई कि घटना वाले दिन हत्यारोपी की लोकेशन भी बहादराबाद क्षेत्र में ही थी। इसलिए हत्याकांड की गुत्थी सुलझती चली गई।

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