{"_id":"5da7335e8ebc3e93aa19385c","slug":"broker-gets-four-years-imprisonment-taking-bribe-for-making-passport","type":"story","status":"publish","title_hn":"पासपोर्ट के लिए मांगी थी दो हजार की रिश्वत, सीबीआई कोर्ट ने दलाल को सुनाई चार साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
पासपोर्ट के लिए मांगी थी दो हजार की रिश्वत, सीबीआई कोर्ट ने दलाल को सुनाई चार साल की सजा
Thu, 17 Oct 2019 08:41 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 17 Oct 2019 08:41 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पासपोर्ट बनवाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोपी दलाल को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार देते हुए चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सीबीआई स्पेशल जज सुजाता सिंह की अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने पक्षद्रोही हुए एक गवाह के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
सीबीआई के अधिवक्ता अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि नवीन चंद ने 19 जून 2013 को पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन किया था। इसके लिए उन्हें 20 जुलाई 2013 को इंटरव्यू की तिथि दी गई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात पासपोर्ट कार्यालय परिसर में कैंटीन में काम करने वाले जिशांत से हुई।
विज्ञापन
जिशांत ने उनसे कहा कि यदि वे कुछ खर्च करेंगे तो उनका इंटरव्यू जल्द करा दिया जाएगा। इसके लिए उसने दो हजार रुपये की मांग की और 28 जून 2013 को अपने पास बुलाया। इस दौरान नवीन चंद ने सीबीआई को इस मामले की शिकायत कर दी।
विज्ञापन
सीबीआई ने प्राथमिक जांच के बाद ही जिशांत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और अगले दिन 28 जून 2013 को उसे दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई अधिवक्ता अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि इस मुकदमे में कुल 19 गवाह प्रस्तुत किए गए थे।
जबकि, बचाव पक्ष की ओर से केवल एक ही गवाह पेश किया गया। मुकदमे में कैंटीन का मालिक जिसने सीआरपीसी 164 के बयानों में जिशांत के खिलाफ गवाही दी थी वह पक्षद्रोही हो गया। सीबीआई ने उसके खिलाफ सीआरपीसी 193 के तहत कार्रवाई करने के आदेश सीबीआई को दिए हैं।