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Dehradun News: रिश्वतखोर अमीन को दो साल कारावास की सजा
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रिश्वतखोर राजस्व संग्रह अमीन को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट ने दो साल कारावास की सजा सुनाई है। अमीन को 2008 में विजिलेंस ने एक हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोषी अमीन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद अमीन को न्यायालय से जमानत दे दी गई।
मामला हरिद्वार जिले का है। शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार साहनी ने बताया कि 29 अगस्त 2008 को हरिद्वार की रेलवे कॉलोनी झंडा ग्राउंड के रहने वाले अब्दुल मलिक से रिश्वत ली गई थी। मलिक ने विजिलेंस को शिकायत कर बताया था कि उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से लोन लिया था। लोन की किश्त समय पर जमा न होने पर बैंक ने आरसी जारी कर दी। आरसी हरिद्वार तहसील पहुंची तो राजस्व संग्रह अमीन सतीश कुमार निवासी अलेकी, औरंगाबाद थाना रानीपुर जिला हरिद्वार ने संपर्क किया। अमीन को अब्दुल ने आरसी में तय रकम चुका दी। अमीन ने भी यह रकम जमा करा दी।
आरोप है कि जमा रकम का प्रमाणपत्र देने के एवज में पीड़ित से एक हजार रुपये मांगे गए। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ने सतीश कुमार को एक सितंबर 2008 को रेलवे स्टेशन हरिद्वार से रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में करीब 14 साल लंबा केस चला। स्पेशल विजिलेंस जज चंद्रमणि राय की कोर्ट ने सतीश कुमार को अलग-अलग धाराओं में अधिकतम दो साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 10 हजार रुपये का जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामला हरिद्वार जिले का है। शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार साहनी ने बताया कि 29 अगस्त 2008 को हरिद्वार की रेलवे कॉलोनी झंडा ग्राउंड के रहने वाले अब्दुल मलिक से रिश्वत ली गई थी। मलिक ने विजिलेंस को शिकायत कर बताया था कि उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से लोन लिया था। लोन की किश्त समय पर जमा न होने पर बैंक ने आरसी जारी कर दी। आरसी हरिद्वार तहसील पहुंची तो राजस्व संग्रह अमीन सतीश कुमार निवासी अलेकी, औरंगाबाद थाना रानीपुर जिला हरिद्वार ने संपर्क किया। अमीन को अब्दुल ने आरसी में तय रकम चुका दी। अमीन ने भी यह रकम जमा करा दी।
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आरोप है कि जमा रकम का प्रमाणपत्र देने के एवज में पीड़ित से एक हजार रुपये मांगे गए। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ने सतीश कुमार को एक सितंबर 2008 को रेलवे स्टेशन हरिद्वार से रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में करीब 14 साल लंबा केस चला। स्पेशल विजिलेंस जज चंद्रमणि राय की कोर्ट ने सतीश कुमार को अलग-अलग धाराओं में अधिकतम दो साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 10 हजार रुपये का जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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