{"_id":"63995712f084b2325258abff","slug":"brainstorming-on-extending-tenure-of-eco-task-force-companies-defense-ministry-uttarakhand-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: ईको टास्क फोर्स जारी रखने के लिए केंद्र से विशेष अनुरोध करेगी सरकार, जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: ईको टास्क फोर्स जारी रखने के लिए केंद्र से विशेष अनुरोध करेगी सरकार, जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव
Wed, 14 Dec 2022 11:22 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 14 Dec 2022 11:22 PM IST
सार
वन मुख्यालय के मंथन सभागार में वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में ईको टास्क फोर्स के अधीन राज्य वित्त पोषित कंपनियों 127 व 130 इंफेन्ट्री बटालियन की बैठक आयोजित की गई।
विज्ञापन
सीएम पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से गठित ईको टास्क फोर्स नियमित रखने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार से विशेष अनुरोध करेगी। इसके अलावा उत्तराखंड की ओर से 135.23 करोड़ रुपये की देयता को माफ किए जाने का भी अनुरोध किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
बुधवार को वन मुख्यालय के मंथन सभागार में वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में ईको टास्क फोर्स के अधीन राज्य वित्त पोषित कंपनियों 127 व 130 इंफेन्ट्री बटालियन की बैठक आयोजित की गई। इसमें बताया गया कि ईको टास्क फोर्स की दो कंपनियां गढ़वाल मंडल में और दो कुमाऊं मंडल में वर्ष 2008 से काम कर रही हैं।
विज्ञापन
इनमें से दो कंपनियों का खर्च राज्य सरकार और दो का केंद्र सरकार उठाती है। चारों कंपनियों का कार्यकाल 31 मार्च 2023 को समाप्त हो रहा है जबकि राज्य सरकार चारों कंपनियों का कार्यकाल 31 मार्च 2028 तक बढ़ाना चाहती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...उत्तराखंड: चीन सीमा पर अलर्ट, बाड़ाहोती को फिर निशाना बना सकता है ड्रैगन, पहले भी 63 बार कर चुका घुसपैठ
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकार ने पूर्व में भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था। बैठक में तय किया गया है कि राज्य सरकार की ओर से पुन: प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वह खुद मुख्यमंत्री के साथ इस प्रस्ताव को लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि कंपनियों का खर्च राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार वहन करे। अन्य केंद्रीय योजनाओं की तरह इसमें भी 90 अनुुपात 10 के फार्मूला लागू करने का अनुरोध किया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एपीसीसीएफ जीएस पांडेय, मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा, डीएफओ नीतिशमणि त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
राज्य सरकार पर बकाया है 135.23 करोड़
राज्य सरकार पर वित्त पोषित 127 पैदल वाहिनी (प्रादेशिक सेना) और 130 पैदल वाहिनी (प्रादेशिक सेना) के बकाया हैं। इन दोनों के खर्च का भुगतान केंद्र सरकार कर चुकी है। वर्ष 2008 से 30 सितंबर 2022 तक 135.23 करोड़ रुपये बकाया हैं।
सामरिक दृष्टि से हमारे लिए महत्वपूर्ण है ईको टास्क फोर्स
वन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक सीमांत प्रदेश है। सीमा पर चीन की आर्मी के दुस्साहस की खबरें आए दिन आती रहती हैं। सामरिक दृष्टि से ईको टास्क फोर्स की आज भी उतनी ही आवश्यकता है, जितनी पहले थी। फोर्स ने माणा, पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्रों में बेहतर काम किया है। इसलिए हम चाहते हैं कि यह आगे भी बनी रही।