Uttarakhand: लोकसभा चुनाव...सुरक्षा के मद्देनज एक दूसरे को संवेदनशील रूट की जानकारी देंगे सीमावर्ती जिले
एडीजी कानून व्यवस्था की अध्यक्षता में अंतरराज्यीय समन्वय गोष्ठी हुई, जिसमें चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के निर्देश दिए गए।
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आगामी लोकसभा चुनावों में सुरक्षा के मद्देनजर सीमावर्ती जिलों की पुलिस एक दूसरे को संवेदनशील रूट की जानकारी साझा करेगी। एक दूसरे से व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़कर चेकपोस्ट पर हर गतिविधि की सूचनाएं भी दी जाएंगी।
यह निर्णय शनिवार को पुलिस मुख्यालय में हुई अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय गोष्ठी में लिए गए। गोष्ठी में स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि बाहरी जनपदों और राज्यों के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। आम चुनावों को लेकर हुई गोष्ठी में यूपी और हिमाचल प्रदेश सीमावर्ती जिलों व रेंज स्तर के अधिकारियों ने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इस दौरान चेक पोस्ट, फोर्स तैनाती और सीसीटीवी कैमरों को स्थापित करने के भी कई निर्णय लिए गए। इस दौरान एडीजी कानून व्यवस्था एपी अंशुमन ने कहा, सभी सीमावर्ती जिलों के पुलिस प्रभारी आपस में समन्वय बनाए रखेंगे। हर गतिविधि की जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा की जाएगी। जो लोग चुनाव में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं उनकी सूची भी एक दूसरे जनपद को मुहैया कराई जाए।
अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर 24 घंटे चेकिंग और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। मादक पदार्थ, शराब, शस्त्र और कैश की तस्करी रोकने के लिए एक बार संयुक्त रणनीति बना ली जाए, ताकि इस तरह की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। निर्वाचन के दौरान सांप्रदायिक तनाव, दुष्प्रचार फैलाने वाले व्यक्तियों को समय से चिह्नित किया जाए।
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सोशल मीडिया पर भी सतर्क निगरानी की जाए। जिन जगहों पर पेट्रोलिंग संभव नहीं, वहां पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। वन विभाग से भी वन क्षेत्रों में पेट्रोलिंग के लिए समन्वय स्थापित किया जाएगा। सीमावर्ती राज्यों पर थाने स्तर पर बॉर्डर मीटिंग आयोजित कर अपने-अपने क्षेत्र के आपराधिक तत्वों और महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाए।
गोष्ठी में एडीजी कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश अमिताभ यश, एडीजी मेरठ रेंज डीके ठाकुर, एडीजी बरेली रेंज पीसी मीना, आईजी दूरसंचार उत्तराखंड कृष्ण कुमार वीके, आईजी पुलिस आधुनिकीकरण डॉ. निलेश आनंद भरणे आदि मौजूद रहे।