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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से 13 बांडधारी डॉक्टर गायब, अवकाश पर जाने के बाद लौटे नहीं
Tue, 24 Dec 2019 10:06 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 24 Dec 2019 10:06 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से पास आउट बांडधारी एमबीबीएस डॉक्टर अपने शिक्षण संस्थान में ही काम करने को तैयार नहीं है। मौजूदा समय में कॉलेज के विभिन्न विभागों में तैनात 13 डॉक्टर लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे हैं।
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दो से आठ महीने गुजरने पर भी उक्त डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। संस्थान ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित चिकित्सकों को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय (पीएमएचएस) के लिए रिलीव कर दिया है।
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से रियायती शुल्क पर एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं से शासन बांड भरवाता है। इसके तहत उनको पीएमएचएस के अधीन पांच साल दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनी होती हैं। शासनादेशों के अनुपालन में एमबीबीएस और एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप पूर्ण करने के बाद बाद बांडधारी एक साल जूनियर रेजीडेंट के रुप में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देते हैं।
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संस्थान के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि मार्च-अप्रैल और अगस्त-सितंबर 2019 में एक साल के लिए बांडधारी चिकित्सकों को जूनियर रेजीडेंसी के लिए नियुक्ति प्रदान की गई, लेकिन कई चिकित्सक कुछ समय तक ड्यूटी करने के बाद बांड की शर्तों का उल्लंघन करते हुए गायब हो गए। कतिपय चिकित्सक कुछ दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर गए और वापस नहीं लौटे।
कतिपय ने अवैतनिक अवकाश पर होने की बात कही, जबकि संविदा नियुक्ति में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। प्राचार्य ने कहा कि यह गंभीर अनुशासनहीनता है। संबंधित 13 चिकित्सकों को पीएमएचएस महानिदेशालय के कार्यमुक्त कर दिया है, ताकि वह बांड की शर्तों के अनुसार शेष अवधि महानिदेशालय के अधीन सेवाएं दें।
यह बांडधारी डॉक्टर है गायब
डा. तीस्ता गुसाईं, डा. ओशीन चौहान, डा. निशा उपाध्याय, डा. अनुज्ञा कुशवाहा, डा. किरन रावत, डा. प्रियंका चौधरी, डा. शोभना सिंह, डा. सुनक्षा गोली, डा. आशीष ढाैंडियाल, डा. शुभम खर्कवाल, डा. राधिका कोठारी, डा. आनंद प्रसाद खंकरियाल और डा. श्रुति त्यागी।