फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Black Fungus in Uttarakhand: Four Patients Died due to Black Fungus in rishikesh Aiims

उत्तराखंड: ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस से चार लोगों की मौत, 147 केस आ चुके सामने

Tue, 01 Jun 2021 09:01 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 01 Jun 2021 09:01 PM IST
सार

एम्स में अब तक ब्लैक फंगस के 147 केस मिले हैं। इनमें से 13 मरीजों की मौत हुई है। जबकि नौ मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है।

विज्ञापन
Black Fungus in Uttarakhand: Four Patients Died due to Black Fungus in rishikesh Aiims
एम्स ऋषिकेश - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से चार और लोगों की मौत हुई है। मृतकों में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के दो-दो मरीज शामिल है। एम्स में अब तक ब्लैक फंगस के रिकॉर्ड 13 मरीजों की मौत हुई है। जबकि संस्थान में संक्रमण के सबसे अधिक 147 केस सामने आ चुके हैं।

विज्ञापन


एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि एम्स में मंगलवार को ब्लैक फंगस के चार मरीजों की उपचार के दौरान मौत हुई है। मृतकों में उत्तराखंड के माजरा देहरादून निवासी 37 वर्षीय, चायसर, पिथौरागढ़ निवासी 45 वर्षीय, उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी 60 वर्षीय महिला और बिजनौर निवासी 64 वर्षीय महिला शामिल है।
विज्ञापन


उत्तराखंड में ब्लैक फंगस: दून अस्पताल में भी ब्लैक फंगस के मरीज के ऑपरेशन शुरू
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि अस्पताल में ब्लैक फंगस के पांच नए मरीज भी मिले हैं। हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि संस्थान में ब्लैक फंगस के अब तक 147 केस मिले हैं। इनमें से 13 मरीजों की मौत हुई है। जबकि नौ मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस केयर वार्ड में वर्तमान में 125 मरीज भर्ती है। 

चिकित्सा सेटअप तैयार, डॉक्टरों का इंतजार

एसपीएस राजकीय अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा सेटअप तो तैयार कर लिया है। लेकिन अस्पताल में सेटअप के संचालन के लिए चिकित्सक और प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं है। अब अस्पताल प्रशासन चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मचारी के लिए निदेशालय की ओर टकटकी लगाए बैठा है। एसपीएस राजकीय अस्पताल में चार बेड का म्यूकोरमाइकोसिस केयर वार्ड तैयार कर दिया गया है। लेकिन अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के ऑपरेशन केलिए ईएनटी सर्जन ही नहीं है। ऐसे में अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के ऑपरेशन ही नहीं हो पाएंगे। 

वहीं छह जून को अस्पताल में 10 बेड का वेंटिलेटर सुविधा युक्त आईसीयू तैयार हो जाएगा। जबकि अस्पताल में पास आईसीयू के संचालन के लिए एनेस्थेटिक, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और तकनीशियन और प्रशिक्षित स्टॉफ नर्स उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में 60.60 लाख रुपये की सांसद निधि से छह बेड का कोविड आइसीयू भी तैयार किया गया है।

फिलहाल कोविड आईसीयू को श्रीभरत मंदिर ट्रस्ट की ऋषिकेश कोविड फाउंडेशसन से मिले प्रशिक्षित स्टाफ की मदद से संचालित किया जा रहा है। लेकिन अस्पताल प्रशासन के मुताबिक प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था एक महीने तक ही उपलब्ध कराई जाएगी। अब अस्पताल प्रशासन ने एनेस्थेटिक, ईएनटी सर्जन, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और तकनीशियन और प्रशिक्षित स्टाफ नर्स की तैनाती के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी है। चिकित्सक और प्रशिक्षित स्टाफ मिलने के बाद ही मरीजों को चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल पाएगा।

निदेशालय को म्यूकोरमाइकोसिस, कोविड और सामान्य आईसीयू चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मचारी के लिए डिमांड भेजी गई। उम्मीद है कि जल्द ही चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती हो जाएगी। 
- डॉ. विजयेश भारद्वाज, सीएमएस, एसपीएस राजकीय चिकित्सालय

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed