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उत्तराखंड: हल्द्वानी में ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज की मौत, अब तक तीन लोगों की जा चुकी जान

Wed, 19 May 2021 08:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 19 May 2021 08:45 PM IST
सार

उत्तराखंड में ब्लैक फंगस अब तेजी से पैर पसार रहा है। प्रदेश में ब्लैक फंगस के अब तक कुल 48 मरीज मिले हैं, इनमें से तीन की मौत हो चुकी है।

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Black Fungus in Uttarakhand: Black Fungus Suspected patient death in haldwani
ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार को ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज की मौत हो गई। एसटीएच में ब्लैक फंगस का इंजेक्शन नहीं है, जबकि बाजार में भी इसकी उपलब्धता नहीं है।

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सितारंगज निवासी 47 वर्षीय व्यक्ति को मंगलवार को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। मरीज कोविड पॉजिटिव था और साथ ही उसमें ब्लैक फंगस के भी लक्षण भी थे। मरीज ने बुधवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि पहली जांच में ब्लैक फंगस के कोई संकेत नहीं मिले हैं, जबकि कोविड का सैंपल लेकर कल्चर के लिए भेजा गया है। तीन से चार दिन में रिपोर्ट आने की संभावना है। डॉ. जोशी के अनुसार ब्लैक फंगस का इंजेक्शन एम्फोटेरिसीन बी अभी अस्पताल में नहीं है।
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उधर, यूएसनगर में किच्छा मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती 46 वर्षीय मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। अस्पताल प्रबंधन ने सीएमओ  डॉ. देवेंद्र सिंह पंचपाल को इस संबंध में पत्र लिखकर अवगत कराया है। रुद्रपुर में अब तक दो लोगों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिल चुके हैं। एक युवक को जांच के लिए ऋषिकेश एम्स भेजा गया है। बुधवार को भर्ती एक और मरीज में इसके लक्षण मिलने पर एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना निजी अस्पताल पहुंचे। मरीज को जांच के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है। नानकमत्ता के इस मरीज को कोरोना संक्रमण के चलते अस्पताल में 11 मई को भर्ती किया गया था।

एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस के 12 नए मामले

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के 12 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद संस्थान में मिले संक्रमितों की संख्या 42 हो गई हैं। इनमें से दो संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है। म्यूकोरमाइकोसिस केयर वार्ड में भर्ती 21 संक्रमितों की सर्जरी की तैयारी की जा रही है।  

एम्स ऋषिकेश में लगातार ब्लैक फंगस के केस मिल रहे हैं। बुधवार को 12 और कोविड संक्रमितों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। म्यूकोरमाइकोसिस केयर वार्ड की निगरानी और उपचार टीम के प्रभारी डा. अमित त्यागी ने बताया कि संस्थान में अब तक ब्लैक फंगस के 42 मरीज मिले हैं। संक्रमितों में 21 लोग उत्तराखंड और 21 ही लोग उत्तरप्रदेश के निवासी हैं।

उन्होंने बताया के इलाज के दौरान उत्तराखंड के देहरादून निवासी 36 वर्षीय युवक और उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ निवासी 72 वर्षीय महिला की मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ऋषिकेश निवासी 81 वर्षीय महिला को स्वस्थ होने के बाद डिस्जार्च किया गया था। डा. अमित त्यागी ने बताया कि ब्लैक फंगस केयर वार्ड में वर्तमान में 39 मरीज भर्ती है।

सरकारी अस्पताल में नहीं है ब्लैक फंगस से निपटने के इंतजाम

ऋषिकेश के राजकीय अस्पताल में ब्लैक फंगस से निपटने के कोई इंतजाम नहीं है। अस्पताल प्रशासन प्रदेश सरकार के निर्देशों की बांट जोह रहा है। अस्पताल में न ही जांच की व्यवस्था है और न इंजेक्शन व अन्य जरूरी दवाएं हैं। अगर ऐसे में संक्रमण बढ़ता है तो मरीज को इलाज मिलना मुश्किल है।

कोरोना महामारी की तरह अब ब्लैक फंगस भी ऋषिकेश में अपने पांव पसार रहा है। एम्स संस्थान में ब्लैक फंगस के अब तक 30 केस मिल चुके हैं। इस बीमारी से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद एसपीसीएस राजकीय चिकित्सालय में ब्लैक फंगस की जांच और इलाज के लिए व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में अगर ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पताल प्रशासन के लिए मरीज को भर्ती करने से हाथ खड़े करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।

एसपीएस राजकीय चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डा. एनपी सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से ब्लैक फंगस को लेकर अस्पतालों को कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा अस्पताल में जांच और इलाज के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं। डा. एनपी सिंह ने कहा कि गाइडलाइन जारी होने के बाद इलाज से जुड़ी व्यवस्थाएं की जाएगी।

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