उत्तराखंड में भाजपा नहीं उतारेगी राज्यसभा प्रत्याशी
- पार्टी ने किसी निर्दलीय को समर्थन देने का विकल्प रखा है खुला
- हमारे पास पर्याप्त नंबर नहीं, इसलिए प्रत्याशी नहीं उतारेंगे: भट्ट
विस्तार
उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट पर होने वाले चुनाव में भाजपा अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारेगी। पार्टी ने उत्तराखंड के विकास में सहयोग करने का वादा करने वाले किसी निर्दलीय को अपना समर्थन देने का विकल्प खुला रखा है।
पार्टी ने साफ किया है कि वह अकेले अपने दम पर किसी को राज्यसभा में भेजने की स्थिति में नहीं है। इसलिए भाजपा नेतृत्व यह फैसला लिया है।
गौरतलब है कि प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए मतदान 11 जून को होगा। इस चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 31 मई है। इसको देखते यह अनुमान लगाया जा रहा था कि इस मुद्दे पर भाजपा सोमवार को अपना रुख साफ करेगी। सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश व प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू सहित अन्य कई नेता दून पहुंच भी गए थे। मैराथन मीटिंग भी हुई।
भट्ट बोले, हमारे पास पर्याप्त संख्या बल नहीं
मीटिंग के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने साफ किया कि यह बैठक राज्यसभा के प्रत्याशी के चयन के लिए नहीं है। यह मीटिंग योजना की है, जिसमें पार्टी की ओर से भविष्य में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि विधायकों की संख्या के आधार पर हम प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी हैं।
विधायकों की खरीद फरोख्त व किसी भी पार्टी में तोड़-फोड़ करने में हमारा विश्वास नहीं है। उत्तराखंड से अपने प्रत्याशी को राज्यसभा में भेजने के लिए पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है।
ऐस में पार्टी अपनी ओर से किसी को प्रत्याशी बनाने में इंटरेस्टेड नहीं है। हां, अगर कोई निर्दलीय हमसे समर्थन मांगता है और राज्यसभा में उत्तराखंड की बेहतरी की बात करने का वादा करता है पार्टी उस पर विचार कर सकती है।
भट्ट ने साफ किया कि अभी तक ना तो समर्थन के लिए किसी ने उनसे संपर्क किया है और ना ही इसके लिए पार्टी अपनी ओर से कोई पहल करेगी।
'जिसको जरूरत होगी, हमसे संपर्क करेगा'
उन्होंने कहा कि हम अपनी ओर से तो कहते नहीं फिरेंगे कि समर्थन ले लो, समर्थन ले लो। जिसको जरूरत होगी हमसे संपर्क करेगा।
रावत सरकार को अस्थिर करने के लिए पीडीएफ को समर्थन देने के सवाल पर भट्ट ने कहा कि 18 मार्च को भी हमने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया था, अगर इससे कांग्रेस की सरकार लड़खड़ा गई तो हम क्या कर सकते हैं? ृ
पीडीएफ ने अच्छा स्टैंड लिया है, नहीं तो उसे तो अभी तक प्रदेश के लोग कांग्रेस के दागों में भागीदार मान कर चल रहे थे। अच्छी बात पीडीएफ ने कोई स्टैंड लिया है। अपने स्टैंड पर कायम रहें। पीडीएफ को समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया है।