देहरादून: विधायक काऊ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, विवादित ऑडियो की जांच कराएगी भाजपा
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जिला पंचायत सीट पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी के स्थान पर विरोधी प्रत्याशी का समर्थन करने के मामले में रायपुर के विधायक उमेश शर्मा काऊ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विवादित ऑडियो में विधायक उमेश की आवाज बताई जा रही है।
चर्चा है कि ऑडियो में जो शख्स भाजपा समर्थित प्रत्याशी के बजाय प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी का समर्थन करने की बात कर रहा है, वो उमेश शर्मा काऊ हैं। सच्चाई क्या है, ये ऑडियो की जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने ऑडियो की जांच कराने के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ऑडियो के संबंध में उनसे शिकायत की गई है। शिकायत पर जांच की होगी।
उन्होंने कहा कि अभी तक पार्टी ने समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ खुलकर काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। लेकिन अब पार्टी पर्दे के पीछे पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
निकाय चुनाव के दौरान उमेश कुमार बागी उम्मीदवारों का समर्थन करने को लेकर संगठन के निशाने पर आ गए थे। लेकिन उनका बाल का बांका नहीं हो पाया। तब से काऊ अपने चुनाव क्षेत्र के भाजपाइयों की आंखों की किरकिरी माने जाते हैं।
चुनाव क्षेत्र में संगठन से जुदा उनका अपने कार्यकर्ताओं का एक समानांतर नेटवर्क है। इस नेटवर्क को वे पार्टी लाइन से हटकर भरपूर संरक्षण देते हैं। ताजा विवाद जिला पंचायत की अस्थल सीट को लेकर है, जहां से भाजपा ने वीरिसंह चौहान को समर्थन दिया है।
चौहान के खिलाफ किशन सिंह नेगी चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्हें पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आरोप है कि नेगी काऊ के समर्थक हैं। चुनाव में काऊ नेगी के समर्थन में खुल कर हैं उनके लिए प्रचार कर रहे हैं।
ऑडियो सुर्खियों में आने के बाद काऊ की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अलबत्ता भाजपा नेताओं की ओर से जरूर बयान आने शुरू हो गए हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और राजपुर विधायक खजान दास ने ऑडियो के परीक्षण की बात कही है।