फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   BJP statement about gairsain.

भाजपा ने कहा, गैरसैंण मुद्दा है या कांग्रेसी गेम प्लान

Wed, 20 Jan 2016 03:57 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 20 Jan 2016 03:57 PM IST
विज्ञापन
BJP statement about gairsain.

गैरसैंण को उत्तराखंड की राजधानी बनाए जाने के मसले में कांग्रेस के भीतर उपजे हालिया विवाद पर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आपदा, स्मार्ट सिटी, संवासिनी जैसे विवादों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए रणनीतिकारों ने ही कांग्रेस के भीतर विवाद की पटकथा लिखी है।

विज्ञापन


भाजपा खुलकर आरोप लगाती है कि गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह कांग्रेस का अंदरूनी गेम प्लान है। बेमौसम दिए गए हरक सिंह रावत के इस बयान को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। जानकार लोगों का कहना है कि विधानसभा सत्र के अवसान के साथ ही गैरसैंण मुद्दे का तात्कालिक अवसान हो गया था, फिर इस पर कांग्रेस के भीतर आज सिर फुटौव्वल क्यों?
विज्ञापन


हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय इस तरह के किसी गेम प्लान से इंकार करते हैं। उनका मानना है कि इस विवाद की जन्मदाता भाजपा है। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का कोई औचित्य नहीं-हरक सिंह रावत, फिर खाता न बही, जो रावत कहें वही सहीं-सीएम, और खुद किशोर के हरक सिंह के बयान पर बयान में भाजपा की क्या भूमिका हो सकती है, इस पर कांग्रेस के महारथी बगले झांकने लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कांग्रेस गैरसैण के मुद्दे पर दो फाड़ हो रही है, इस सवाल का जवाब भी नहीं में ही आ रहा है। फिर ऐसी किसी ऐसी पटकथा तो इंकार नहीं किया जा सकता, जिसमें कांग्रेसी नेता अपने-अपने किरदार के तय डायलॉग बोल रहे हैं।

राज्य गठन से ही गैरसैंण पहाड़ के लोगों की भावनाओं का केंद्र बिंदु रहा है। राज्य गठन से पहले यहीं से आंदोलन संचालित होते थे। अब राजधानी गैरसैंण हो, इसे लेकर कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट नहीं है। तात्कालीन सीएम विजय बहुगुणा ने गैरसैंण में पहली कैबिनेट बैठक की और फिर एक सत्र आयोजित किया, तब भाजपा ने स्थायी राजधानी का मुद्दा रखा।

सीएम रावत ने शीतकालीन अधिवेशन में गैरसैंण की बात की तो भाजपा-कांग्रेस में जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई और इस बहसबाजी में गैरसैंण का मुद्दा हासिए पर चला गया। कुछ समय पहले वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने हरिद्वार में देहरादून को ही राजधानी बने रहने की वकालत का सुर्रा छोड़ा, जो गैस के उस गुब्बारे जिसकी गैस निकल गई हो की तरह धरती पर आ गया।

इसी बीच स्मार्ट सिटी में भ्रष्टाचार और नारी निकेतन में बलात्कार-गर्भपात, संवासिनियों के भूखों मरने की खबरें सुर्खियों में आ गईं। भाजपा हो-हल्ले में जुटी थी कि अचानक गैरसैंण के विवाद में कांग्रेसी नेता खुद पिल पड़े। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मदन कौशिक कहते हैं कि गैरसैंण को लेकर कांग्रेस गंभीर नहीं है।


मुख्यमंत्री, मंत्री और कांग्रेसी नेताओं की बयानबाजी केवल इसलिए हो रही है, ताकि सरकार पर लग रहे घोटालों से जनता का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि जब मैंने विधानसभा में गैरसैंण को राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा तो कांग्रेस ने विरोध में मतदान क्यों किया ? यदि कांग्रेस की नीयत साफ थी तो गैरसैंण को राजधानी बनाने के मुद्दे पर मेरे प्रस्ताव का समर्थन क्यों नहीं किया ? जाहिर है कि कांग्रेस न तब इस मुद्दे पर गंभीर थी, न ही अब । यह तो गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने का कांग्रेसी खेल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed