सरकार बनाने को भाजपाइयों ने कर रखी पूरी तैयारी
- पार्टी के भीतर सरकार बनाने की तैयारी जोरों पर
- बड़े नेताओं का दावा, बहुमत का इंतजाम हो गया है
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भाजपा में इस समय उत्साह का माहौल है। दबे पांव सत्ता संभालने की तैयारी हो रही है। हालांकि कोई भी खुले तौर पर कुछ नहीं बोल रहा है, लेकिन जिम्मेदार लोगों का कहना है कि सब प्रबंध हो गया। अब केवल सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार हो रहा है। सरकार बनाने का दावा भी ऐसे भाजपाई कर रहे हैं जिनकी बात को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। फिलहाल सभी की निगाह न्यायालय के निर्णय पर लगी है।
पिछले डेढ़ महीने से चल रही राजनीतिक उथल पुथल में बाजी किसी के हाथ नहीं लगी। किसी को बहुमत नहीं मिला तो किसी को न्यायालय ने राहत नहीं दी।
राज्य का सियासी संकट अब निर्णायक मोड़ पर आता दिख रहा है। भाजपा के भीतर सरकार बनाने की तैयारी जोरों पर हैं। पिछले एक महीने में सरकार बनाने का प्रबंधन करने में विफल रही भाजपा में एक सप्ताह से माहौल काफी अनुकूल दिखाई दे रहा है। जिससे पूछो, यही कह रहा है कि इंतजाम हो गया है। सरकार कैसे और कब बनेगी, इस बात का खुलासा कोई नहीं कर रहा है।
बदला-बदला सा भाजपाइयों का अंदाज
सच तो यह है कि उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्णय से पहले भाजपा ने बहुमत का इंतजाम करने में पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन उसकी सारी रणनीति फेल साबित हुई। लेकिन, अब पार्टी का माहौल बदला हुआ है। बड़े नेता उत्साह से लबरेज है और चेहरे पर विजय भाव लिए घूम रहे हैं।
हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने यदि हरीश रावत को ही बहुमत परीक्षण करने का मौका दे दिया, तब यह बाजी भाजपा के हाथ तभी लग सकती है।
जब कांग्रेस के नौ असंतुष्टों भी वोट डालने का अधिकार हो, लेकिन यह होगा, इसकी गारंटी किसी के पास नहीं है। भाजपा के वरिष्ठ नेता दावा कर रहे हैं कि बसपा के दोनों विधायकों का साथ आना तय है और दो निर्दलीय भी साथ रहेंगे।