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बंद कमरों से सड़क पर आया भाजपा का असंतोष

Fri, 20 Jan 2017 12:14 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 20 Jan 2017 12:14 PM IST
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bjp leader unsatisfied from ticket distribution
श्याम जाजू - फोटो : file photo

भाजपा में टिकट न मिलने से पुराने नेताओं का आक्रोश बंद कमरों से निकल कर अब सड़क पर आ गया है। पार्टी की सीटिंग विधायक विजय बड़थ्वाल ने खुलकर पार्टी लीडरशिप का विरोध किया है। गढ़वाल में दो पूर्व विधायकों ने भाजपा को गुडबॉय कर दिया है, जबकि कुमाऊं मंडल में दो नेता निर्दलीय चुनाव में कूदने का ऐलान कर चुके हैं।

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टिकट कटने से अधिक ये नेता भाजपा के कांग्रेसीकरण से आहत दिख रहे हैं। वहीं इस विस्फोटक स्थिति को भाजपा की केंद्रीय लीडरशिप न केवल हल्के में ले रही है, बल्कि स्थिति को नियंत्रित करने के मूड में भी नजर नहीं आ रही है। प्रत्याशी चयन की रणनीति में जिताऊ उम्मीदवार के तौर पर बाहरियों पर पार्टी ने जो दांव खेला है, उसमें डैमेज कंट्रोल के रणनीतिकारों के लिए कोई स्पेस बचा नजर नहीं आ रहा है।
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बाहरियों के लिए टिकट आवंटन के अलग मानक बनाने से आक्रोशित अधिकांश पुराने नेता अपना गुस्सा पार्टी प्लेटफार्म की जगह सड़कों पर ले आए हैं। गुरुवार को यमकेश्वर विधायक विजय बड़थ्वाल ने उनका टिकट काटने को लेकर पार्टी लीडरशिप को खरी-खरी सुनाई। बड़थ्वाल ने पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी पर अपनी बेटी ऋतु को टिकट दिलाने के लिए न केवल निशाना साधा, बल्कि उनके कद पर भी सवाल खड़ा कर दिया। वे भी निर्दलीय उतर सकती है।
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कोटद्वार से पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत ने दूसरी बार टिकट कटने से पार्टी को गुडबॉय कह दिया। पौड़ी से पूर्व विधायक बृजमोहन कोटवाल ने भी ऐलान कर दिया कि वह पार्टी के साथ नहीं रहेंगे। कुमाऊं  से दो नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। रुड़की से दावेदार सुरेश चंद जैन ने व्हाट्सएप पर पार्टी छोड़ने का पोस्ट कर दिया है।  घनसाली से धनीराम तो गंगोत्री से सूरत सिंह नौटियाल भी पार्टी के खिलाफ हो गए हैं। प्रदेश कार्यालय का हाल यह है कि वहां प्रदेश संगठन के पदाधिकारी असंतोष लोगों को समझाने में असमर्थ दिख रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि प्रत्याशी चयन में अनदेखी से कहीं न कहीं प्रदेश संगठन को भी धक्का लगा है।


चुनाव में प्रत्याशी चयन के बाद जिनको मौका नहीं मिलता, उनकी नाराजगी तत्कालीन रिएक्शन है। पार्टी संविधान से बड़ा कोई नहीं है। बगावत से बहुत बड़ी दिक्कत आने वाली नहीं है। जो उदासीन हैं या फिर नाराज हैं उनको समझाया भी जा रहा है।
- श्याम जाजू, उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी भाजपा

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