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जिस आईएफएस को दंड देना चाहिए, भाजपा सरकार कर रही प्रमोशन की तैयारी

Thu, 29 Jun 2017 10:15 AM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 29 Jun 2017 10:15 AM IST
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BJp government giving promotion to corrupt ifs officer
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : SELF

एक हजार से अधिक पेड़ों के अवैध कटान और वन भूमि की सीमा स्तंभों में बदलाव सहित कई गंभीर मामलों के आरोपी जिस आईएफएस अफसर के खिलाफ राज्यपाल की स्वीकृति से कार्रवाई के आदेश हुए शासन उसे प्रमोशन देने की तैयारी में है।

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इतना ही नहीं, शासन ने अफसर के खिलाफ कार्रवाई का आदेश निरस्त करने की स्वीकृति भी दे दी है। भ्रष्टाचार के इस मामले में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर आश्चर्य जताया है। मेनका गांधी का कहना है कि इससे जनता में स्वच्छ प्रशासन को लेकर नकारात्मक संदेश जाएगा। 
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टिहरी वन प्रभाग, राजाजी राष्ट्रीय पार्क के उपनिदेशक रहे एवं वर्तमान में हरिद्वार वन प्रभाग के डीएफओ एचके सिंह पर कई गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि टिहरी वन प्रभाग के डीएफओ रहते उन्होंने 1116 पेड़ों का अवैध कटान कराया। छह फुटी, अश्व मार्ग की मरम्मत एवं चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ कटवाकर सात मीटर चौड़ा मोटर मार्ग बनवा दिया।

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केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सीएम त्रिवेंद्र रावत को लिखा पत्र

BJp government giving promotion to corrupt ifs officer
मेनका गांधी - फोटो : अमर उजाला

डीएफओ ने अपनी एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की निजी भूमि पर आने-जाने के लिए पहाड़ी कटवाकर यह मार्ग बनवाया। यह भी आरोप है कि सीमा स्तंभों में बदलाव कर वन भूमि पर अतिक्रमण करवाया। वहीं, शासन की अनुमति लिए बगैर कृषि बंजर भूमि को आवासीय में बदलवाकर उसे खरीदा।

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लिखे पत्र में कहा है कि विभागीय जांच और मौके के निरीक्षण के बाद इस अधिकारी के खिलाफ गड़बड़ी पाई गई। राज्यपाल की स्वीकृति से 21 मई 2010 को डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई के आदेश हुए, लेकिन कार्रवाई न कर उल्टा उसे संरक्षित एवं आरक्षित वनों के महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दे दी गई। 

केंद्रीय मंत्री ने पत्र में कहा है कि 22 जून 2016 को आदेश जारी कर डीएफओ के खिलाफ पूर्व में जारी कार्रवाई के आदेश को निरस्त कर दिया गया। अत्यंत गंभीर मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना हैरान करने वाला है। भ्रष्ट अधिकारी को दोषमुक्त करना सही नहीं है। अफसर के खिलाफ सभी मामलों में कठोर कार्रवाई की जाए। 

मामले में वन मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है तो यह पत्र मेरे पास भी आएगा। मामले को दिखवाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में यह सब हुआ है।

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