फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Bjp Done all Homework for Uttarakhand assembly winter session 2018

आज से शुरू होगा उत्तराखंड विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र, पूरी तैयारी से सदन में उतरेगा सत्ता पक्ष

Mon, 03 Dec 2018 09:49 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 03 Dec 2018 09:49 PM IST
विज्ञापन
Bjp Done all Homework for Uttarakhand assembly winter session 2018
vidhansabha - फोटो : file photo

सत्ता पक्ष आज से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष पर पलटवार के इरादे से सदन में उतरेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सरकारी आवास पर हुई भाजपा विधायक मंडल दल की बैठक में यह रणनीति बनाई गई। बैठक में विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों से निपटने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने सदस्यों को मंत्र दिए।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकांश विधायक उपस्थित थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने भी बैठक में शिरकत की। दोनों नेताओं की मौजूदगी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने सदस्यों को सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने और जनहित से जुड़े मसलों को उठाने की सलाह दी।
विज्ञापन


इस दौरान मीटू, स्टिंग ऑपरेशन, लोकायुक्त और कानून व्यवस्था के मुद्दे विपक्ष द्वारा सदन में उठाए जाने की संभावना जताई गई। सूत्रों की मानें तो बैठक में तय हुआ कि सदन में विपक्ष के हमलों का सरकार के मंत्री ही नहीं बल्कि विधायक भी जवाब देंगे और जरूरत पड़ी जवाबी हमला बोलेंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

तीन विधेयक किए जाएंगे पेश

विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। सदन में विधायकों ने 330 सवाल लगाए हैं। इनमें 30 अल्पसूचित सवाल हैं। सत्र में तीन विधेयक, एक प्रतिवेदन और एक रिपोर्ट पेश की जाएगी। विधानसभा के सचिव ने जगदीश चंद्र ने बताया कि सदन में उत्तर प्रदेश जमींदार विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950, उत्तराखंड संशोधन विधेयक, अनुपूरक विनियोग विधेयक व उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय संशोधित विधेयक 2018 पेश किया जाएगा। इसके अलावा सदन में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का सत्रहवां प्रतिवेदन और उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग की 2016-17 की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।

पिछली बार अपनों के सवालों पर ही घिरी थी सरकार
उत्तराखंड विधानसभा के पिछले सत्र के दौरान प्रदेश सरकार को अपनी ही पार्टी के विधायकों के पैने और धारदार प्रश्नों का सामना करना पड़ा था। उस सत्र में सत्ता पक्ष के विधायकों के तरकश में विपक्षी सदस्यों से ज्यादा सवालों के तीर थे। प्रश्नों के ये तीर जब छूटे तो सरकार के मंत्रियों को न सिर्फ असहज होना पड़ा, बल्कि पीठ से उन्हें बकायदा निर्देश भी मिले थे। 

सूचना के अधिकार में प्राप्त एक सूचना के मुताबिक पिछले सत्र में सदन में  जिन 32 विधायकों ने सरकार को प्रश्न भेजे थे, उनमें 28 विधायक भाजपा के हैं। कांग्रेस विधायकों से अधिक प्रश्न तो निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार के थे, जिन्होंने कुल 107 प्रश्न पूछे थे। कुल मिलाकर सदन के अंदर सरकार विपक्ष के सवालों से उतनी परेशान नहीं हुई, जितनी वह सत्तापक्ष के विधायकों के सवालों से दिखी। इस सत्र में भी सत्ता पक्ष के विधायकों के इरादे प्रश्नों की ताबड़तोड़ बारिश करने के दिखाई दे रहे हैं। ये बात और है कि उन्हें सदन में प्रश्न उठाने का कितना अवसर मिलता है। 
  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed