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Bird Flu in Uttarakhand : चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्र निजमुला घाटी में आधा दर्जन से ज्यादा कौवों के मरने से दहशत

Wed, 13 Jan 2021 12:56 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 13 Jan 2021 12:56 PM IST
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Bird Flu Uttarakhand News: 64 crows, nine herons, four pigeons found dead in Dehradun samples sent for investigation
- फोटो : अमर उजाला

चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्र निजमुला घाटी में आधा दर्जन से ज्यादा कौवों के मरने से दहशत फैल गई है। बुधवार को यहां के इरानी गांव में खेतों में कौवों मरे पड़े मिले। बदरीनाथ वन प्रभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों ने कौवों के मरने की सूचना दे दी है।

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घाटी के गोणा गांव में मंगलवार को भी एक पक्षी खेतों में मर गया था। वन विभाग की डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया की क्षेत्र में वन क्षेत्राधिकारी के साथ टीम भेजी गई है। पशु चिकित्सकों को भी इसकी सूचना दे दी गई है। मृत पक्षियों को कब्जे में लेकर सैंपल लिए जाएंगे।
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बर्ड फ्लू की आशंका के बीच राजधानी दून समेत विभिन्न इलाकों में मंगलवार को 64 कौवे, चार कबूतर और नौ बगुले मरे मिले हैं। मृत कौवों, बगुलों और कबूतरों को दफना दिया गया है। कुछ के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. एसबी पांडे के अनुसार फिलहाल किसी मृत पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकता है। 

मंगलवार को राजधानी के विभिन्न इलाकों में 64 कौवे मरे पाए। दूसरी ओर नौ बगुलों और कबूतरों के भी मरने की सूचना मिली है। इतनी अधिक संख्या में कबूतरों, कौवों, बगुलों के मृत पाए जाने के बाद स्थानीय लोग बर्ड फ्लू की आशंकाएं जता रहे हैं।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे का कहना है कि जहां से भी पक्षियों के मरने की सूचनाएं आ रही हैं वहां विभागीय टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। कौवों की मौत बर्ड फ्लू बीमारी से हुई इसे लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल सकेगी। 

दिनभर भाग दौड़ करती रहीं टीमें 

कबूतरों, कौवों और बगुलों की मौत ने वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। पक्षियों के मरने की सूचनाएं लगातार मिलने की वजह से दोनों विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मंगलवार को दिनभर भागदौड़ करते नजर आए।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे का कहना है कि पक्षियों के मरने की जानकारी जहां से भी आ रही है वहां विभागीय कर्मचारियों की टीमें भेजी जा रही हैं। पक्षियों के शवों को दफनाने के साथ ही उनके नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। 

एम्स परिसर में तीसरे दिन छह कौवे मृत मिले, हड़कंप

ऋषिकेश एम्स परिसर में छह कौवे मृत मिले। वहीं डोईवाला में भी तीन कौवे मरे हुए मिले। एम्स परिसर में लगातार तीसरे दिन कौवे मरने की सूचना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने एम्स परिसर में मृत मिले कौवों में एक कौवे का सैंपल भरकर भोपाल भेजा है। 

वन विभाग के रेंजर महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सुबह एम्स परिसर में मरे हुए कौवे मिलने की सूचना मिली। इसके बाद टीम को सूचना मिली कि आईडीपीएल क्षेत्र में एक प्लॉट में कौवा मरा पड़ा है। वहीं बाइपास से सटे खांडगांव विस्थापित में दो कबूतर मृत मिले। उन्होंने बताया एक कौवे का सैंपल लेकर राष्ट्रीय उच्च  सुरक्षा पशु संस्थान (एनआईएचएसए) भोपाल भेजा गया है। बाकी कौओं और कबूतरों को दफना दिया गया है। 

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