Bird flu: उत्तराखंड में प्रवासी पक्षियों की हो रही 24 घंटे निगरानी, ड्रोन फोर्स का भी हो रहा है इस्तेमाल
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बर्ड फ्लू को देखते हुए वन विभाग ने उत्तराखंड में प्रवासी पक्षियों की 24 घंटे निगरानी का दावा किया है। इसके लिए ड्रोन फोर्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से शिष्टचार भेंट में पीसीसीएफ राजीव भरतरी ने विधानसभा अध्यक्ष को राज्य में बर्ड फ्लू की रोकथाम एवं सुरक्षा संबंधित विषय पर जानकारी दी। मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि पक्षियों की मौत के मामलों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रवासी पक्षियों की निगरानी के लिए सभी संभावित क्षेत्रों में ड्रोन की व्यवस्था और 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच के सड़क मार्ग पर वन्यजीवों का आवागमन न हो एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो इस संबंध में पहले से व्यवस्था बनाने के भी निर्देश दिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने ऋषिकेश विधानसभा में रायवाला और प्रतीत नगर में वन्य सीमा से सटे क्षेत्र में सोलर फेंसिंग लगाने के निर्देश दिए। रायवाला, प्रतीत नगर क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा के साथ लगे होने के कारण वन्यजीवों से फसलों तथा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा हैं।
खदरी, सोमेश्वर नगर आदि क्षेत्रों में गुलदार के आतंक एवं छिद्दरवाला आदि क्षेत्र में हाथियों के खतरे को देखते हुए अधिक से अधिक गश्त पर बल दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने सत्यनारायण मंदिर से गोहरीमाफी, साहब नगर, भट्टोंवाला, रुसाफार्म आदि में कैंपा योजना से सड़क बनाने को भी कहा।
बर्ड फ्लू: चिकन और अंडों की दुकान पर भी नजर
बर्ड फ्लू को लेकर चिकन और अंडों की दुकान पर भी खाद्य सुरक्षा अभिकरण विभाग की नजर है। इसे लेकर विभाग जांच भी कर रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देश के बाद देहरादून जिला सुरक्षा अभिकरण ने भी सभी खाद्य निरीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
साथ ही लोगों को कच्चा और आधा पका चिकन या अंडा न खाने की सलाह दी है। खाद्य सुरक्षा अभिकरण विभाग के जिला अभिहित अधिकारी जीसी कंडवाल ने बताया कि अधपके मांस और अंडों को खाने से बचें।
इन उत्पादों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। 70 डिग्री सेल्सियस पर यह वायरस निष्क्रिय हो जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी स्पष्ट कर चुका है कि कोई भी खाद्य पदार्थ जो अच्छी तरह से धोया और पकाया जाता है, सुरक्षित है। यह वायरस के वाहक के रूप में काम नहीं करता है।