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उत्तराखंड के लोक संगीत ने अपना एक बेटा खो दिया

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 08:08 PM IST
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big loss in death of heera singh rana
अनिल चन्दोला देहरादून। कुमाऊं हो या गढ़वाल। हीरा सिंह राणा ने हमेशा संस्कृतिप्रेमियों के दिलों पर राज किया। सैकड़ों हजारों मंच पर उन्होंने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को पहचान और सम्मान दिलाया। उनके निधन से उत्तराखंड के संगीत जगत को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है। उनकी खनकती आवाज लंबे समय तक संगीत प्रेमियों के कानों में गूंजती रहेगी। हीरा सिंह राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के प्रमुख कलाकारों ने उनको अश्रुपूरित विदाई दी। आज सुबह-सुबह दुखद समाचार मिला कि हमारे लोकप्रिय लोकगायक रचनाकार हीरा सिंह राणा का निधन हो गया है। वो अपने गीतो के माध्यम से लंबे समय से लोक साहित्य व संस्कृति की सेवा करते आ रहे थे। मैने उनके साथ देश-विदेश मे सर्वाधिक मंच साझा किये हैं। अब तो मात्र स्मृतियां शेष हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। नरेंद्र सिंह नेगी, लोक गायक - आज की सुबह बहुत बुरा समाचार लेकर आई। महान लोक गायक हमारे प्रेरणा श्रोत आदरणीय हीरा सिंह राणा हमारे बीच नही रहे। ये सुनकर बहुत गहरा धक्का लगा है। लोक गायिकी के ऐसे पुरोधा के युग की इस तरह समाप्ति होगी, ऐसा कभी सोचा न था। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को इस कष्ट को सहने की शक्ति प्रदान करे। पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, लोक गायक -- उत्तराखंड के वरिष्ठ लोक गायक आदरणीय हीरा सिंह राणा के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर बहुत व्यथित और स्तब्ध हूं। उत्तराखंड के लोक संगीत को प्यार करने वाला, लोक संगीत से जुड़ा हर व्यक्ति बेहद दुखी है, व्यथित है, स्तब्ध है। महान लोक गायक और सरल व्यक्तित्व के धनी हीरा सिंह राणा जी हमेशा उत्तराखंड के जन-मानस में अमर रहेंगे। संगीता ढौंडियाल, लोक गायिका -- उत्तराखंड की लोक संस्कृति ने आज अपना एक बेटा खो दिया। उत्तराखंडी लोक संस्कृति को दुनिया के तमाम हिस्सों तक पहचान और सम्मान दिलाने वालों में हीरा सिंह राणा का नाम प्रमुख है। उन्होंने हमेशा उत्तराखंड की लोक संस्कृति और संगीत को जिया। चमक-दमक से दूर, कला और संगीत की सेवा करने वाला ऐसा दूसरा उदाहरण नहीं मिलता। उनका निधन उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। पद्मश्री बसंती बिष्ट, लोक गायिका
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