भैया दूज 2019: आज करेंगे ऐसा तो मिलेगा मृत्यु के भय से मुक्ति का आशीर्वाद
- भैया दूज के दिन यमुना जी की पूजा-अर्चना व स्नान करने से मिलता है पुण्य
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भैया दूज पर यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। मान्यता है कि इस दिन सूर्यपुत्री यमुना से मिलने उनके भाई यम और शनि व गुरु भाई हनुमान यमुनोत्री पहुंचते हैं।
तीर्थ पुरोहितों की मानें तो इस दिन यमुनोत्री धाम में यमुना में डुबकी लगाने से यम की यातना और मृत्यु के भय के साथ ही शनि की वक्र दृष्टि से मुक्ति मिलने के साथ ही बजरंगबली की कृपा हासिल होती है। प्राचीन ग्रंथों के अनुसार यमुना सूर्य की पुत्री है और यम एवं शनि उनके भाई तथा हनुमान जी गुरु भाई हैं।
भैया दूज के दिन बड़ी संख्या में यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं श्रद्धालु
पुराणों के अनुसार यमराज ने अपनी बहन यमुना को वरदान दिया था कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया को जो भाई अपनी बहन के घर भोजन करे और यमुना के जल में स्नान करे उसे यम की यातना और मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाएगी।
इस दिन को भैया दूज के रूप में मनाया जाता है। तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल, प्यारेलाल उनियाल, कुलदीप उनियाल आदि ने बताया कि भैया दूज के दिन यमुना के भाई यम, शनि और हनुमान उनसे मिलने यमुनोत्री आते हैं।
इस दिन यमुनोत्री धाम में यमुना नदी में डुबकी लगाने से पापों के साथ ही मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। साथ ही शनि की वक्रदृष्टि से बचाव के साथ ही बजरंगबली की कृपा भी मिलती है। यही कारण है कि हर साल भैया दूज के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं।