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छह अंतरराष्ट्रीय महिला रेफरियों में शामिल हैं ये
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 13 Jan 2014 10:47 AM IST
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देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में घूमती अंजलि बी पाटिल पहली नजर में खिलाड़ी नजर आती हैं। लेकिन कोर्ट पर मैच शुरू होते ही उनकी अहमियत उभरने लगती है।
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बेदाग निर्णयों ने इस मुकाम तक पहुंचाया
अंजलि नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप में मुकाबले करा रहे करीब 18 रेफरियों में एकमात्र महिला रेफरी हैं। भारत की छह अंतरराष्ट्रीय महिला रेफरियों में भी उनका नाम है। अनुभव और बेदाग निर्णयों ने अंजलि को इस मुकाम तक पहुंचाया है।
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महाराष्ट्र के वर्धा की रहने वाली अंजलि रेलवे में तैनात हैं। वह वर्ष 2005 से रेफरी का जिम्मा निभा रही हैं। अब तक 27 विभिन्न नेशनल वालीबाल चैंपियनशिपों में रेफरी रह चुकी हैं। चीन में यूथ चैंपियनशिप और थाईलैंड सीनियर क्वालीफाइंग में भी जिम्मा संभाल चुकी हैं।
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वर्ष 1996 से 2005 तक अंजलि ने कई राष्ट्रीय वालीबाल प्रतियोगिताओं में बतौर खिलाड़ी जलवा बिखेरा है। अंजलि ने बताया कि देश की बालिकाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें बेहतर सुविधाएं और संसाधन देने की है।
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अंजलि कहती हैं कि बालिकाओं को सब जूनियर लेवल से ही बेहतर प्रशिक्षण दिया जाए तो वे आगे देश का नाम रोशन कर सकती हैं। अंजलि ने कहा कि दक्षिण भारत में वॉलीबाल को बढ़ावा मिला है, लेकिन अभी सुधार की जरूरत है।
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बताया कि विदेशों में वॉलीबाल के मैच इनडोर कोर्ट में होते हैं, जबकि देश में इनकी कमी है। वहां क्लब स्तर के टूर्नामेंट खिलाड़ियों को बढ़ावा देते हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है।