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राजधानी में हर तरफ गूंजा-‘बेटी ही बचाएगी’
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 16 Jan 2014 01:15 PM IST
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देहरादून स्थित गांधी पार्क के गेट के आगे नुक्कड़ नाटक के जरिए बेटी की अहमियत बताई जा रही थी।
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उधर, कलाकारों की प्रस्तुति को रुक-रुककर देख रहे दर्शक शपथ-पत्र भरकर बेटी बचाने का संकल्प ले रहे थे। शहर की सड़कों पर बुधवार को सुबह से दोपहर तक ‘बेटी ही बचाएगी’ की गूंज रही।
इस पहल की हर किसी ने सराहना की
गांधी पार्क समेत पलटन बाजार, कचहरी परिसर में नुक्कड़ नाटक के जरिए बेटी को बचाने का संदेश दिया गया। अमर उजाला की बेटियों के प्रति लोगों को जागरूक करने वाली इस पहल की हर किसी ने सराहना की।
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गुरुकुल भारती, झांसी के नुक्कड़ नाटक कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए हर स्थान पर लोगों की भीड़ जुटी। लोगों ने खुद भी शपथ-पत्र भरकर बेटी को बचाने का संकल्प लिया।
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आलम यह था कि लोगों ने खुद वाहन रोक-रोककर शपथ-पत्र भरने में दिलचस्पी दिखाई। नुक्कड़ नाटक का निर्देशन शीलू पंडित ने किया। अभिनय के माध्यम से जागरूकता फैलाने का क्रम बनाए रखा राम पोरवाल, शाहनवाज खां, अखिलेश चतुर्वेदी, संजय तिवारी और शिवम यादव ने।
...और बेटी देती है चिता को मुखाग्नि
नाटक कन्या भ्रूण हत्या पाप है और बेटी को भी समान अधिकार के संदेश से शुरू होता है। इसके बाद दिखाया जाता है कि एक व्यक्ति का बेटा उसकी प्रापर्टी पर कब्जा कर लेता है। उसे पैसे-पैसे को मोहताज होना पड़ता है।
इसी बीच उसकी मृत्यु हो जाती है। लोग उसे लावारिस समझते हैं, लेकिन इस बीच उस व्यक्ति की पुत्री उसकी चिता को मुखाग्नि देती है। नुक्कड़ नाटक अंत में संदेश देता है कि बेटी भी मां-बाप का सहारा बन सकती है। सोच बदलिए।
7000 से ऊपर पहुंचा शपथ-पत्र का ग्राफ
अमर उजाला की अभिनव पहल ‘बेटी ही बचाएगी’ के तहत हर रोज सैकड़ों की संख्या में शपथ-पत्र भरे जा रहे हैं। अब तक यह आंकड़ा 7000 को पार कर चुका है।
अकेले बुधवार को कुल दो हजार 177 शहरवासियों ने शपथ-पत्र भरकर बेटी को बचाने का संकल्प लिया। अमर उजाला की पहल से जुड़े। यह क्रम अभी आने वाली 24 जनवरी तक चलेगा।