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Dehradun News: अस्पतालों में बेड फुल, विभाग कह रहा अब तक सिर्फ 481 मरीज
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दून में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। दून अस्पताल समेत शहर के सभी अस्पतालों में बेड फुल हैं। कई अस्पतालों में तो बेड बढ़ाने के बावजूद मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अभी तक सिर्फ 481 मरीज ही शहर में मिले हैं।ऐसे में अस्पतालों के वर्तमान हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि विभाग का तर्क है कि एलाइजा जांच में जिन मरीजों को डेंगू की पुष्टि होती है उसे ही रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है।
जिले में डेंगू का पहला मरीज छह जुलाई को मिला था। तब से अब तक हर रोज औसतन आठ डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें से कई मरीज स्वस्थ्य होकर घर भी जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पतालों में भर्ती होने के लिए मरीज भटक रहे हैं। वर्तमान में दून अस्पताल, कोरोनेशन के साथ ही निजी अस्पतालों में डेंगू के लिए वार्ड बनाए गए हैं और यह सभी फुल चल रहे हैं। हर जगह बेड के लिए मारामारी मची हुई है। खुद दून मेडिकल कॉलेज में ही अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है।
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विभाग केवल उन्हीं मरीजों के आंकड़े जारी करता है, जिन्हें एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि होती है। वर्तमान में डेंगू के लक्षण जैसे भी कई मरीज आ रहे हैं। एलाइजा टेस्ट में उनमें डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है, लेकिन एहतियान उन्हें भी डेंगू वार्ड में भर्ती किया जाता है। जिसके कारण अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है। -डॉ. सीएस रावत, डेंगू के नोडल अधिकारी
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बेड की स्थिति
दून अस्पताल : 128 बेड
कोरोनेशन अस्पताल : 72 बेड
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जिले में डेंगू का पहला मरीज छह जुलाई को मिला था। तब से अब तक हर रोज औसतन आठ डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें से कई मरीज स्वस्थ्य होकर घर भी जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पतालों में भर्ती होने के लिए मरीज भटक रहे हैं। वर्तमान में दून अस्पताल, कोरोनेशन के साथ ही निजी अस्पतालों में डेंगू के लिए वार्ड बनाए गए हैं और यह सभी फुल चल रहे हैं। हर जगह बेड के लिए मारामारी मची हुई है। खुद दून मेडिकल कॉलेज में ही अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है।
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विभाग केवल उन्हीं मरीजों के आंकड़े जारी करता है, जिन्हें एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि होती है। वर्तमान में डेंगू के लक्षण जैसे भी कई मरीज आ रहे हैं। एलाइजा टेस्ट में उनमें डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है, लेकिन एहतियान उन्हें भी डेंगू वार्ड में भर्ती किया जाता है। जिसके कारण अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है। -डॉ. सीएस रावत, डेंगू के नोडल अधिकारी
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बेड की स्थिति
दून अस्पताल : 128 बेड
कोरोनेशन अस्पताल : 72 बेड