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Dehradun News: सावधानी बरतें शक करें तभी बचेंगे साइबर क्राइम से
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II-डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा ने साइबर क्राइम से बचने के दिए छात्रों को टिप्स
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Iसावधानी बरतें शक करें तभी बचेंगे साइबर क्राइम से
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I-डीजीपी अशोक कुमार ने हिमालयन इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में कही बात
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सावधानी बरतें और शक करें यही उपाय हैं साइबर क्राइम से बचने के। किसी भी लिंक को बिना सोचे समझे क्लिक न करें। ठगी हो तो सबसे पहले साइबर वित्तीय हेल्पलाइन को सूचना दें। ये बातें डीजीपी अशोक कुमार ने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में साइबर क्राइम पर आयोजित कार्यशाला में छात्रों को बताई। इस दौरान डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा ने छात्रों को साइबर क्राइम से बचने के टिप्स दिए।
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Iअस्थल गांव में स्थित इस कार्यक्रम में डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि साइबर क्राइम ऐसा अपराध है। जिसमें पढ़े लिखे समझदार लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। शिकार होने वाले सभी लोग तकनीकी से वाकिफ हैं। ऐसे में उन्हें और ज्यादा सावधान होने की जरूरत है। इसके साथ ही शक करने की आदत अपने अंदर जरूर अपना लें।
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Iयानी अगर कोई लिंक भेजता है, लॉटरी का लालच देता है या फिर क्यू आर कोड स्कैन करने की बात करता है तो पहले इस पर शक करें कि वह ऐसा क्यों कर रहा है? कहीं ये ठगी का शिकार बनाने को जाल तो नहीं बिछाया गया है। साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी। इस दौरान छात्रों के प्रश्नों के भी उन्होंने विस्तार से जवाब दिए।
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Iडीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा ने छात्रों को बताया कि कोई भी बैंक या टेलीकॉम कंपनी फोन पर कोई जानकारी नहीं लेती है। अपना सीवीवी नंबर किसी को न बताएं। सीवीवी नंबर से इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन बिना एटीएम पिन के भी हो जाती हैं। इसके साथ ही गुगल या किसी अन्य सर्च इंजिन से कोई भी कस्टमर केयर नंबर न लें। कस्टमर केयर से यदि बात करनी है तो अधिकारिक वेबसाइट से ही लें। इस मौके पर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष अजय जसोला, राजेश सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।I
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II-डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा ने साइबर क्राइम से बचने के दिए छात्रों को टिप्स
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Iसावधानी बरतें शक करें तभी बचेंगे साइबर क्राइम से
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I-डीजीपी अशोक कुमार ने हिमालयन इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में कही बात
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सावधानी बरतें और शक करें यही उपाय हैं साइबर क्राइम से बचने के। किसी भी लिंक को बिना सोचे समझे क्लिक न करें। ठगी हो तो सबसे पहले साइबर वित्तीय हेल्पलाइन को सूचना दें। ये बातें डीजीपी अशोक कुमार ने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में साइबर क्राइम पर आयोजित कार्यशाला में छात्रों को बताई। इस दौरान डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा ने छात्रों को साइबर क्राइम से बचने के टिप्स दिए।
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Iअस्थल गांव में स्थित इस कार्यक्रम में डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि साइबर क्राइम ऐसा अपराध है। जिसमें पढ़े लिखे समझदार लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। शिकार होने वाले सभी लोग तकनीकी से वाकिफ हैं। ऐसे में उन्हें और ज्यादा सावधान होने की जरूरत है। इसके साथ ही शक करने की आदत अपने अंदर जरूर अपना लें।
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Iयानी अगर कोई लिंक भेजता है, लॉटरी का लालच देता है या फिर क्यू आर कोड स्कैन करने की बात करता है तो पहले इस पर शक करें कि वह ऐसा क्यों कर रहा है? कहीं ये ठगी का शिकार बनाने को जाल तो नहीं बिछाया गया है। साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी। इस दौरान छात्रों के प्रश्नों के भी उन्होंने विस्तार से जवाब दिए।
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Iडीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा ने छात्रों को बताया कि कोई भी बैंक या टेलीकॉम कंपनी फोन पर कोई जानकारी नहीं लेती है। अपना सीवीवी नंबर किसी को न बताएं। सीवीवी नंबर से इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन बिना एटीएम पिन के भी हो जाती हैं। इसके साथ ही गुगल या किसी अन्य सर्च इंजिन से कोई भी कस्टमर केयर नंबर न लें। कस्टमर केयर से यदि बात करनी है तो अधिकारिक वेबसाइट से ही लें। इस मौके पर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष अजय जसोला, राजेश सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।I