{"_id":"c040e7268902cb487b3d429e2897cfd2","slug":"bank-suffers-pensionor","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेंशनधारकों को परेशान कर रहे राजधानी के बैंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेंशनधारकों को परेशान कर रहे राजधानी के बैंक
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 09 Dec 2013 09:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून में बैंक पेंशनधारकों के खाते नहीं खोल रहे, जिस वजह से लाभार्थियों को पेंशन नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
जिला सलाहकार समिति की बैठक में समाज कल्याण अधिकारी राम अवतार के इस पक्ष को रखने के बाद डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अग्रणी जिला प्रबंधक से सभी बैंकों में यह खाते अनिवार्य रूप से खोले जाने और ऐसा न करने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ऋण-जमा अनुपात पर चिंता जताई
पंजाब नेशनल बैंक के आंचलिक कार्यालय में हुई इस बैठक में उन्होंने जिले में ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशो) लगातार कम रहने पर चिंता जताई। जिन बैंकों का सीडी रेशो कम है, उनके उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे जाने, ऋण प्रवाह बढ़ाने के नए तरीके खोजे जाने को भी कहा।
विज्ञापन
साफ किया कि जिन किसानों ने कृषि या अन्य किसी तरह का ऋण लिया है, उनसे एक साल तक इसकी वसूली न की जाए। कहा कि अगली बैठक आपदा पर ही होगी।
मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक निहाल शर्मा ने ऋण वितरण लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। कृषि, उद्योग जैसे विभागों ने लक्ष्य से अधिक की प्राप्ति की। इस दौरान कई बैंकों, विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैंक वक्त पर नहीं दे रहे टीडीएस सर्टिफिकेट
बैंकों से वक्त पर फार्म-16 ए इश्यू नहीं किया जा रहा। टीडीएस सर्टिफिकेट से जुड़ा यह मामला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के संज्ञान में भी आया है। लिहाजा, उसने एक पत्र भेजकर सभी बैंकों से सिस्टम दुरुस्त करने को कहा है।
इस सर्टिफिकेट के समय से न मिल पाने के कारण बहुत से खाताधारकों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आ रही है। इसी को आधार बनाते हुए आरबीआई ने बैंकों से साफ-साफ शब्दों में फार्म-16 ए समय पर इश्यू करने की बात की है।
आरबीआई के डीजीएम एस जॉय की तरफ से इनकम टैक्स रूल को आधार बनाते हुए इस संबंध में खत लिखा गया है। बता दें कि अकेले दून में हजारों कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका सेलरी से टीडीएस काटा जाता है।
ऐसे में टीडीएस सर्टिफिकेट वक्त से मिलने के कारण उनकी दिक्कतों में बढ़ोत्तरी स्वाभाविक है।