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बैंक लोन के जरिये ठगी करने वाला नटवरलाल गिरफ्तार, तरीका जानकर पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

Mon, 14 Jan 2019 08:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 14 Jan 2019 08:36 AM IST
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bank loan fraud arrested in bageshwar uttarakhand
गिरफ्तार

बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले कारोबारी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कारोबारी पर 50 लाख से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है। मामले में कारोबारी के अलावा कुछ फर्मों के भी शामिल होने का अनुमान है। पुलिस जांच में सच सामने आने पर कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

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पुलिस के मुताबिक बिलौना निवासी वंशीधर शर्मा ट्रेडिंग कारोबारी है। वह कारोबार की आड़ में लोगों से दोस्ती गांठता था। कारोबार बढ़ाने के लिए लोन लेने की बात कहकर वह गारंटर बनने के लिए लोगों को राजी करता और फिर बैंक में उनका खाता खुलवाता। ऐसा इसलिए कि गारंटर का भी उसी बैंक में खाता होना जरूरी है, जहां वह लोन की गारंटी दे रहा है। इसके बाद शुरू होता था उसका खेल।

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इस तरह करता था लोन का खेल 

वह गारंटर के दस्तावेजों में धांधली कर उनके नाम पर लोन स्वीकृत कराता था। इसके बाद लोन की रकम को हड़प कर जाता था। पुलिस के अनुसार वंशीधर करीब आधा दर्जन लोगों के साथ इसी तरह से धोखाधड़ी कर चुका है। ऐसे ही एक पीड़ित तुपेड़ निवासी अशोक खेतवाल की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बिलौना स्थित घर से वंशीधर को गिरफ्तार कर लिया है। 

गारंटर बनने के लिए किसी व्यक्ति को राजी करने के बाद वंशीधर उसके नाम से ऋण आवेदन करवा बैंक अकाउंट, समेत अन्य दस्तावेजों में कथित गारंटर के साइन करवा लेता था। वह अधिकांशत: ऋण मशीन, कार, उपकरणों की खरीद पर दिलाता था। इस प्रकार के लोन में उपकरण, मशीन बेचने वाले फर्म की कोटेशन होती है। इसी कोटेशन के आधार पर बैंक बेचने वाले फर्म के खाते में रकम हस्तांतरित कर देता है। फिर वह फर्म से मिलीभगत कर रकम की बंदरबांट कर जाता था। 

 इन-इन से की लाखों की ठगी 

- अशोक खेतवाल- 8 लाख       
- हरीश राम- 14 लाख       
- भाष्करानंद पाठक- 15 लाख       
- रेखा पाठक- 5 लाख       
- ममता पाठक- 3 लाख       
- शिव सिंह परिहार- 15 लाख       
- मोहनी देवी- 15 लाख

बैंकों की भूमिका संदिग्ध
पुलिस के अनुसार इस मामले में बैंकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पुलिस को शक है कि इसमें बैंक के किसी कर्मचारी की भी मिलीभगत हो सकती है। पुलिस एक बैंक के प्रबंधक की भी जांच कर रही है।

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