भारत में पकड़ा गया अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी, पुलिस जांच में सामने आए कई राज
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सत्यापन के दौरान एलआईयू ने अवैध रूप से लंढौरा क्षेत्र में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। एलआईयू की पूछताछ में उसने बताया कि कुछ साल पूर्व वह अवैध तरीके से भारत में घुसा था और लंढौरा क्षेत्र में आकर रहने लगा। यहां रहते हुए ही उसने एक स्थानीय युवती से शादी भी कर ली है।
इसके बाद वह अपनी पत्नी और दो बेटियों से मिलने आया था। पुलिस ने उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
रविवार को लंढौरा क्षेत्र में एलआईयू ने सत्यापन अभियान चलाया था। इस दौरान एलआईयू ने बांग्लादेशी नागरिक अलाउद्दीन सरकार पुत्र हकीमुल्ला उर्फ अब्दुल मलिक निवासी मोहल्ला आदरा, पोस्ट तलतौला, जिला बीबरया बांग्लादेश को अवैध तरीके से बिना पासपोर्ट के रहने के मामले में गिरफ्तार कर लिया।
एलआईयू उसे लंढौरा पुलिस चौकी लेकर पहुंची और पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्ष 2014 में अवैध तरीके से भारत में घुसा था। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचा और फिर लंढौरा। यहां उसने एक क्लीनिक शुरू किया और स्थानीय युवती से शादी भी कर ली। इसके बाद एलआईयू ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल से छूटने के बाद एलआईयू उसे बांग्लादेश की सीमा पर छोड़कर आई थी, लेकिन फिर वापस आकर वह दिल्ली में रहने लगा था। वहां से कुछ दिन पूर्व ही अपनी पत्नी और बेटियों से मिलने लंढौरा आया था।
इंस्पेक्टर गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि एलआईयू के उपनिरीक्षक मोहम्मद गुलफाम की तहरीर पर बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जानकारी जुटाई जा रही है कि उसने यहां का राशन कार्ड या आधार तो नहीं बनवाया है।