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किताब लिखेगी बांदल की बेटियों की तकदीर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 02 Feb 2015 10:52 AM IST
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देहरादून में बांदल घाटी की बेटियां अब किताबों के जरिये अपनी तकदीर की नई इबारत लिखेंगी।
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अमर उजाला फाउंडेशन घाटी को पुस्तकालय की सौगात देने वाला है। क्षेत्र की छात्राओं ने फाउंडेशन से यह इच्छा जताई थी। इसका लाभ स्कूली छात्रों और ग्रामीणों को भी मिलेगा।
अमर उजाला फाउंडेशन ने कुछ समय पूर्व सरखेत में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया था। गांव की कई महिलाएं यहां कंप्यूटर सीख रही हैं। अब यहां पुस्तकालय भी खोला जा रहा है। पुस्तकालय में छात्रों के लिए सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें होंगी।
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इसके अलावा किसानों के लिए कृषि संबंधी किताबें और महिलाओं के लिए स्वरोजगार, मनोरंजन की किताबें, पत्रिकाएं रखी जाएंगी। बच्चों के लिए भी कहानी की किताबें यहां मिलेंगी। पुस्तकालय के प्रति ग्रामीणों में खासी उत्सुकता है।
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मुझे सामान्य ज्ञान की किताबें पढ़ने का बहुत शौक है। लेकिन कालेज पाठ्यक्रम के अलावा दूसरी किताबें खरीदना मुश्किल
होता है। ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन का पुस्तकालय खुलने से सभी बच्चों को फायदा होगा।
- महिमा, बीए द्वितीय वर्ष, सरखेत
अमर उजाला फाउंडेशन हमारी इच्छा के अनुसार हमें हर सुविधा उपलब्ध करा रहा है। गांव की छात्राओं की खास इच्छा थी, कि गांव में पुस्तकालय शुरू किया जाए। अब लाइब्रेरी खुलेगी तो हमें खासा लाभ मिलेगा।
- रेनू, बीएससी, घंतुसेरा