निकाय चुनाव 2018: हर पोस्ट के लिए होगा अलग रंग का बैलेट पेपर, यहां पढ़ें कैसे करें पहचान
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राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन कार्यालयों को मतपत्र के रंगों के संबंध में निर्देश भेज दिए हैं। नगर निगम के मेयर पद के लिए मतपत्र का रंग लाल होगा। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के लिए हरा, तो नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए इसका रंग गुलाबी होगा। निगम, पालिका और पंचायत सदस्यों के पदों के लिए मतपत्र का रंग सफेद होगा।
नगर निकायों के सीमा विस्तार के बाद बनी चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बीच चुनाव के लिए मतपत्र छपवाने की राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। निर्वाचन आयोग ने प्रेस को निर्देश जारी किए हैं कि सबसे पहले पिथौरागढ़ और चमोली जैसे दूरस्थ जिलों के निकायों के लिए मतपत्र छापे जाएं।
सभी 13 जिलों में बैलेट अफसरों की नियुक्ति जिलाधिकारी के स्तर से की जाएगी। बैलेट अफसरों और प्रेस के बीच तालमेल बनाने के लिए आयोग ने अपने एक अफसर को भी नियुक्त कर दिया है। यह अफसर भी 30 अक्तूबर से दिल्ली में डेरा डालेंगे। आयोग ने जिलों को मतपत्रों के रंगों के बारे में भी दिशा निर्देश प्रिटिंग प्रेस को जारी कर दिए हैं।
नगर निकाय चुनाव-कहां कैसी तैयारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट के अनुसार मतपत्रों को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी जिला निर्वाचन कार्यालयों को निर्देश भेज दिए गए हैं। आयोग के सचिव रोशन लाल के मुताबिक इस बार प्राइवेट प्रेस से मतपत्र छपवाए जा रहे हैं। कुल मतदाता संख्या से कहीं ज्यादा मतपत्र एहतियातन छपवाए जा रहे हैं।
ये है विभाग की तैयारी
50 लाख मतपत्र इस बार छपवा रहा है राज्य निर्वाचन आयोग
23 लाख से ज्यादा है राज्य के 84 निकायों की मतदाता संख्या
10 दिन का समय दिया गया है प्रेस को मतपत्र छापने के लिए
84 मेयर और निकाय अध्यक्ष पदों के लिए हो रहा है चुनाव
380 पार्षदों के पदों के लिए सात नगर निगमों में हो रहा चुनाव
440 सभासद पदों के लिए हो रहा है 39 पालिकाओं में चुनाव
244 सभासद पदों के लिए हो रहा 38 नगर पंचायतों में चुनाव
मतगणना के दो दिन बाद तक लागू रहेगी आचार संहिता
नगर निकाय चुनाव की आदर्श आचार संहिता मतगणना के दो दिन बाद तक लागू रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार जिला के सभी निर्वाचन अधिकारियों को आचार संहिता का पालन कराने को कहा गया। कोई भी उम्मीदवार सार्वजनिक व निजी संपत्ति पर बिना अनुमति के चुनाव प्रचार के बैनर, पोस्टर व होर्डिंग्स, श्लोगन लेखन नहीं कर सकता है। इसके साथ ही चुनाव प्रचार में प्लास्टिक का इस्तेमाल पूर्ण प्रतिबंधित रहेगा।
आचार संहिता के प्रभारी चंद्र सिंह धर्मशक्तू ने बताया कि नगर निकाय की आदर्श आचार संहिता 22 नवंबर तक लागू रहेगी। उन्होंने नगर निकायों में तैनात निर्वाचन अधिकारियों, उप जिलाधिकारी, नगर आयुक्तों को आचार संहिता का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। सभी निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में राज्य चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार आचार संहिता का प्रभावी रूप से अनुपालन कराया जाएगा। चुनाव प्रचार में प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई उम्मीदवार व राजनीतिक दल आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो इसकी सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय के कंट्रोल रूम में भी दें।