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मरम्मत नहीं होने से बैराटखाई मार्ग बदहाल
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लोनिवि साहिया के अंतर्गत साहिया-बैराटखाई पैदल मार्ग की हालत इन दिनों खस्ता बनी हुई है। लंबे समय से विभाग ने रास्ते की सफाई नहीं कराई है, जिस कारण जगह-जगह झाड़ियां उग आई हैं। लोगों को साहिया से बैराटखाई जाने के लिए कालसी होकर कई किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
ब्रिटिशकाल में साहिया और बैराटखाई के बीच पैदल रास्ते का निर्माण किया गया था। इस रास्ते का इस्तेमाल मलेथा, बडनू, गडेथा, मसराड़, हमरोऊ, ललोऊ, बसाया और चामड़ी के लोग आवाजाही के लिए किया करते थे। लेकिन, खराब हालत के कारण यह रास्ता अब बंद हो गया है। ग्रामीण सुरेंद्र सिंह चौहान, कांति सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, सुनील सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान आदि का कहना है कि साहिया से बैैराटखाई की दूरी करीब 12 किमी है जबकि, वाया कालसी होते हुए उन्हें बैराटखाई पहुंचने के लिए 38 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। बीते पांच साल से विभाग ने सड़क की कोई सुध नहीं ली है, जिस कारण लोगों को सड़क पर सफर करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि लंबे समय से विभाग को झाड़ी कटान के लिए बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही झाड़ियों की कटाई कराई जाएगी।
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ब्रिटिशकाल में साहिया और बैराटखाई के बीच पैदल रास्ते का निर्माण किया गया था। इस रास्ते का इस्तेमाल मलेथा, बडनू, गडेथा, मसराड़, हमरोऊ, ललोऊ, बसाया और चामड़ी के लोग आवाजाही के लिए किया करते थे। लेकिन, खराब हालत के कारण यह रास्ता अब बंद हो गया है। ग्रामीण सुरेंद्र सिंह चौहान, कांति सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, सुनील सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान आदि का कहना है कि साहिया से बैैराटखाई की दूरी करीब 12 किमी है जबकि, वाया कालसी होते हुए उन्हें बैराटखाई पहुंचने के लिए 38 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। बीते पांच साल से विभाग ने सड़क की कोई सुध नहीं ली है, जिस कारण लोगों को सड़क पर सफर करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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उधर, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि लंबे समय से विभाग को झाड़ी कटान के लिए बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही झाड़ियों की कटाई कराई जाएगी।
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