बदरी-केदार मास्टर प्लान: विकास कार्यों में धार्मिक-पौराणिक महत्व, मान्यताओं व परंपराओं का रखा जाएगा ध्यान, जानिए क्या है पूरी योजना
बीकेटीसी के कैनाल रोड स्थित कार्यालय में मंगलवार को आयोजित बैठक में अजेंद्र ने कहा कि स्थानीय हक-हकूकधारियों और स्थानीय जनमानस के सहयोग से मास्टर प्लान के कार्यों को गति प्रदान करने के लिए तेजी से प्रयास हों।
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बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मंदिर समिति के अधिकारियों और आर्किटेक्ट की टीम के साथ बैठक कर बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के मास्टर प्लान को लेकर चर्चा की। बीकेटीसी के कैनाल रोड स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में अजेंद्र ने कहा कि स्थानीय हक-हकूकधारियों और स्थानीय जनमानस के सहयोग से मास्टर प्लान के कार्यों को गति प्रदान करने के लिए तेजी से प्रयास हों।
बैठक में उन्होंने केदारनाथ व बदरीनाथ में आधारभूत संरचना का विकास करते समय धामों के धार्मिक-पौराणिक महत्व, मान्यताओं व परंपराओं को ध्यान में रखने के निर्देश दिए। आईएनआई स्टूडियो की आर्किटेक्ट टीम ने अजेंद्र के सामने केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के कोठा भवन के जीर्णोद्वार का भी प्रस्तुतिकरण दिया।
इंडियन ऑयल का जताया आभार
अजेंद्र ने कहा कि कोठा भवन पौराणिक महत्व का है। इसके जीर्णोंद्वार में पौराणिक स्थापत्य कला व शैली का ध्यान रखा जाए। उन्होंने मंदिर समिति के अधिकारियों को कोठा भवन के ड्राइंग व डिजाइन का प्रस्तुतिकरण हक-हकूकधारियों व स्थानीय लोगों के सामने भी रखे जाने के निर्देश दिए। इसके जीर्णोद्वार के लिए आम सहमति प्राप्त कर ली जाए।
बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बदरीनाथ धाम में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 24.51 करोड़ का आर्थिक सहयोग देने के लिए इंडियन ऑयल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, प्रमुख आर्किटेक्ट धर्मेश गंगानी आदि मौजूद रहे।