उत्तराखंडः दो दिन बाद खुला बदरीनाथ हाईवे, गदेरे में बहा 10 साल का बालक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश के चलते जहां यमुनोत्री और बदरीनाथ हाईवे बाधित रहे वहीं कई गांवों के संपर्क मार्ग भी ध्वस्त हो गए हैं। भिलंगना ब्लॉक के ग्राम मल्याकोट निवासी 10 साल के एक बालक की नैलचामी गदेरे में बहने से मौत हो गई। उधर, दो दिन से लामबगड़ में अवरुद्ध बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो गया है।
हाईवे के खुलने से 650 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए, जबकि बदरीनाथ और लामबगड़ में फंसे करीब 250 तीर्थयात्री अपने वाहनों से घरों को लौटे। हालांकि लामबगड़ में हाईवे के बीचों-बीच बह रहे गदेरे में वाहनों की आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। यहां यात्रा वाहनों के साथ ही सेना के बड़े वाहनों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही है। मूसलाधार बारिश से लामबगड़ में गदेरे के उफान पर आने से करीब 20 मीटर हाईवे बह गया था, जिससे बदरीनाथ, पांडुकेश्वर और लामबगड़ में करीब 550 तीर्थयात्री फंस गए थे।
यमुनोत्री राजमार्ग बुधवार देर रात धरासू बैंड के पास एवं हनुमानचट्टी के नजदीक बाड़िया स्लिप जोन के पास मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया। एनएच के अधिकारियों ने हनुमान चट्टी पर 9 बजे और धरासू बैंड के पास 12 बजे यातायात सुचारु कराया।
जोशीमठ-औली मोटर मार्ग पर कवांड बैंड के पास बृहस्पतिवार तड़के पांच बजे पेड़ टूट कर आ गिरने से करीब पांच घंटे बंद रहा। यहां सुबह दस बजे आवाजाही सुचारु हो पाई।
गढ़वाल में अभी कई सड़के बंद, आवाजाही ठप
टिहरी में बारिश के चलते नरेंद्रनगर के लसेर-रणाकोट, जीरो ब्रिज-सौण पिपोला, प्रतापनगर के कौडार-दीनगांव-मुखेम मार्ग बंद पड़ा हुआ है। प्रतापनगर के ओखलागांव में प्राथमिक विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष, भिलंगना के राजकीय इंटर कालेज भटगांव गोनगढ़ में प्रधानाचार्य कक्ष एवं कार्यालय कक्ष, चंबा सिलोगी में प्राथमिक स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो गया। रुद्रप्रयाग जिले में बारिश के चलते 19 सड़कें अभी भी बंद हैं, जबकि जिले में 63 सड़कें खतरनाक बनी हुई हैं।
उत्तरकाशी में दो दिन से भारी बारिश से भागीरथी नदी में ज्यादा गाद आने से जल विद्युत निगम की दोनों परियोजना से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। जोशियाड़ा बैराज में गाद को बाहर निकालने के लिए मनेरी भाली परियोजना में 280 मेगावाट का बिजली उत्पादन बंद करना पडा।
वहीं पुरोला (उत्तरकाशी) में धिवरा भद्राली संपर्क मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से भद्राली, खड़क्यासेम, मठ, कुमारकोट, सुकड़ाला, धिवरा, डैरिका, सुनाली समेत एक दर्जन गांवों का संपर्क ध्वस्त हो गया है।