{"_id":"5d6a05c78ebc3e01723252d6","slug":"bad-arrangements-in-doon-hospital-people-get-some-relief-from-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"दून अस्पताल में चरमराईं व्यवस्थाएं, आज से मिलेगी कुछ राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दून अस्पताल में चरमराईं व्यवस्थाएं, आज से मिलेगी कुछ राहत
Sat, 31 Aug 2019 11:03 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 31 Aug 2019 11:03 AM IST
विज्ञापन
दून अस्पताल
डेंगू के बढ़ते प्रकोप के चलते प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। दून अस्पताल में पर्चा बनाने से लेकर ओपीडी और पैथोलॉजी जांच तक के लिए मरीजों को लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने से सैंपल लेने का काम भी आधा घंटे पहले पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे ही रोकना पड़ रहा है। इससे कई मरीजों को जांच के लिए तीन-तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, संविदाकर्मियों के काम पर लौटने से पैथोलॉजी जांच में कुछ तेजी आने से राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
दून अस्पताल में सामान्य दिनों में पैथोलॉजी लैब में रोजाना औसतन 150 मरीज पहुंचते थे, वहीं आजकल यह संख्या 500 पार पहुंच रही है। इसमेें से रोजाना 400 मरीजों के सैंपल की ही जांच हो पा रही है। इसमें एलाइजा जांच भी शामिल है। सैंपल की संख्या बढ़ने के कारण अस्पताल प्रशासन ने पैथोलॉजी का समय सुबह आठ बजे से साढ़े 11 बजे तक करने का निर्णय लिया है। लैब बंद होने के बाद भी सैंपल देने के लिए मरीजों की लंबी लाइन रह जाती है, जिन्हें वापस भेजा रहा है।
विज्ञापन
चंदरनगर निवासी मुस्तकीम ने बताया कि उसका 16 साल का बेटा बुखार से पीड़ित है। दो दिन से जांच के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नंबर नहीं आ रहा है। वहीं, छोटा रामपुर (सहसपुर) की सलमा ने बताया कि उन्हें तेज बुखार है। डॉक्टर ने एलाइजा जांच के लिए कहा है। सलमा ने बताया कि उसे तीन दिन से दून अस्पताल से लेकर कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल के चक्कर कटाए जा रहे हैं, फिर भी अब तक जांच नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
सरकार ने गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल में भी एलाइजा जांच की निशुल्क व्यवस्था कराई है। दून अस्पताल में भीड़ को देखते हुए कुछ मरीजों को गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है। लैब में सैंपल की जांच का काम जल्द शुरू हो सके, इसके लिए पैथोलॉजी आधे घंटे पहले बंद करनी पड़ रही है। संविदाकर्मियों के कार्य बहिष्कार से भी व्यवस्थाएं थोड़ा प्रभावित हुई हैं।
- डॉ. एनएस खत्री, डिप्टी एमएस, दून अस्पताल
गांधी शताब्दी में बनाया जा रहा एक और डेंगू वार्ड
गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि गांधी शताब्दी में 16 बेड का एक और डेंगू वार्ड बनाया जा रहा है। बताया कि एलाइजा जांच के लिए दोनों अस्पतालों में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को 167 मरीजों के सैंपल लिए गए। इनकी जांच शनिवार को आएगी।