शाहीन बाग में लगे नारों पर बोले बाबा रामदेव, आजादी भगत सिंह वाली होनी चाहिए न कि जिन्ना वाली
- गुरुवार को प्रदर्शनकारियों से मिलने शहीन बाग जा सकते हैं बाबा रामदेव
- कहा- मुसलमानों को गुमराह किया जा रहा, उनकी नागरिकता कोई नहीं छीन सकता
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योग गुरु स्वामी रामदेव ने सीएए का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध और धरना प्रदर्शन करना सबका अधिकार है। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर शाहीन बाग जाएंगे।
वहां लोगों से बात कर उन्हें समझाएंगे। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग में बैठे लोग अपने हैं, कोई आतंकवादी नहीं। उनसे संवाद किया जाना चाहिए। स्वामी रामदेव ने शुक्रवार को कहा कि सीएए को लेकर मुसलमानों को गुमराह किया जा रहा है।
उनकी नागरिकता कोई छीन नहीं सकता। कुछ घरेलू और विदेशी शक्तियां हैं, जो माहौल बिगाड़ने के लिए समाज को बांटने का काम कर रही हैं। रामदेव ने कहा, किसी मुसलमान को बाहर नहीं निकाला जाएगा।
जेएनयू के छात्रों को प्रदर्शन खत्म करने की नसीहत दी
यह कानून नागरिकता देने के लिए है, लेने के लिए नहीं। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों खासतौर पर जेएनयू के छात्रों को प्रदर्शन खत्म करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, छात्रों को आंदोलन राजनेताओं के लिए छोड़ देना चाहिए।
प्रदर्शनों में शामिल होना और जनसंपत्ति को नुकसान पहुंचाना छात्रों का काम नहीं। आजादी वाले नारों पर रामदेव ने कहा कि आजादी भगत सिंह वाली होनी चाहिए न कि जिन्ना वाली।
राजनीतिक पार्टियों को समझना चाहिए कि पीएम मोदी को देश की जनता ने 2024 तक के लिए चुना है। हमें जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। मोदी को 2024 तक का वक्त देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार को महंगाई से निपटने और अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए भी अहम सुझाव देंगे।