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उत्तराखंड : आईएमए ने रामदेव को दी चुनौती, कहा- बताएं किस अस्पताल ने इलाज के लिए पतंजलि की दवाएं दीं

Sat, 29 May 2021 12:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 29 May 2021 12:22 PM IST
सार

बता दें कि बाबा रामदेव ने एक टीवी डिबेट में दावा किया था कि एलोपैथिक अस्पताल भी कोरोना इलाज के लिए पतंजलि की दवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे।

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baba ramdev allopathy controversy : IMA uttarakhand asked hospitals name in which patanjali medicine will give for treatment
बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बाबा रामदेव को चुनौती दी है। आईएमए उत्तराखंड ने बाबा रामदेव को पतंजलि की दवाओं से एलोपैथी अस्पतालों में ट्रीटमेंट के बारे में बहस करने के लिए कहा है।

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सार्वजनिक रूप से पैनल डिस्कशन के साथ बहस की चुनौती
आईएमए ने उनसे पूछा है कि कौन से एलोपैथिक अस्पतालों ने इलाज के लिए पतंजलि की दवाएं दी हैं। इस बाबत आईएमए ने बाबा रामदेव को सार्वजनिक रूप से पैनल डिस्कशन के साथ बहस के लिए चुनौती दी है।
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बाबा रामदेव का नया बयान: योग से बड़ी कोई साइंस नहीं, एलोपैथी तो 200 साल पुराना बच्चा है

बाबा रामदेव ने एक टीवी डिबेट में किया था दावा
बता दें कि बाबा रामदेव ने एक टीवी डिबेट में दावा किया था कि एलोपैथिक अस्पताल भी कोरोना इलाज के लिए पतंजलि की दवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे। अब उस पर आईएमए उत्तराखंड ने बाबा रामदेव से पूछा है कि उस अस्पताल का नाम बताएं, जहां कोरोना के इलाज के नाम पर पतंजलि की दवाएं दी गईं।

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एलोपैथी तो 200 साल पुराना बच्चा है...

बाबा रामदेव साधकों के साथ प्रतिदिन योग शिविर लगाते हैं। योग शिविर में बाबा रामदेव बीते तीन दिनों से ‘ड्रग माफिया का भ्रमजाल बनाम योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी से रोगों के स्थायी समाधान’ मुहिम चला रहे हैं। इस दौरान शु्क्रवार को उन्होंने कहा कि एलोपैथी तो 200 साल पुराना बच्चा है। योग और आयुर्वेद से बीमारियों का स्थायी समाधान है। 

पतंजलि के बाहर धरने पर बैठी युवा कांग्रेस
बाबा रामदेव के एलोपैथी विवाद के विरोध में शुक्रवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान उन्होंने बाबा रामदेव की गिरफ्तारी की मांग की और उनके विरोध में नारेबाजी की। एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति को लेकर टिप्पणी के विरोध में युवा कांग्रेस ने बाबा रामदेव पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुकदमा दर्ज करने और शीघ्र गिरफ्तारी की भी मांग की है। इस संबंध में युवा कांग्रेस ने देहरादून कोतवाली में तहरीर दी है।




बालकृष्ण ने कहा- हम मॉर्डन चिकित्सा की भी मदद लेते हैं
रामदेव के सहयोगी और पतंजलि योगपीठ के सीईओ आचार्य बालकृष्ण का बयान भी सामने आया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वामी रामदेव कोरोना में जान गंवा चुके चिकित्सकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है। हम मॉर्डन चिकित्सा का सम्मान करते हैं और उसकी मदद भी लेते हैं। लेकिन कुछ लोग योग और आयुर्वेद को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते। यही लोग साजिश के तहत स्वामी रामदेव को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

गिरफ्तार तो किसी का बाप भी नहीं करा सकता...
बीते दिनों बाबा रामदेव ने कहा था कि किसी का बाप भी रामदेव को गिरफ्तार नहीं करा सकता है। बता दें कि बुधवार को सोशल मीडिया पर इसी विवाद के चलते 'अरेस्ट बाबा रामदेव' ट्रेंड कर रहा था। जिसके जवाब में रामदेव ने यह टिप्पणी दी थी। 

एलोपैथी और एलोपैथिक चिकित्सकों पर की गई बाबा रामदेव की टिप्पणी से उठा तूफान शांत होता नजर नहीं आ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने बाबा रामदेव को पत्र लिख सख्त संदेश भी दिया था, जिसमें स्पष्ट तौर पर लिखा था कि उनकी टिप्पणी एलोपैथिक चिकित्सकों का मनोबल तोड़ने वाली है।

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