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अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना: दायरे में 23 लाख परिवार, केवल 33 फीसदी के ही बने गोल्डन कार्ड

Tue, 17 Sep 2019 08:29 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 17 Sep 2019 08:29 AM IST
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Ayushman uttarakhand yojana 33 percent People made Golden card
आयुष्मान योजना - फोटो : अमर उजाला

अटल आयुष्मान, एक ऐसी योजना, जिसका जिक्र होते ही आम से खास सबके बेहतर स्वास्थ्य की मंशा सामने दिखती है। योजना का सैद्धांतिक पक्ष बहुत उजला है, जो हर आदमी के बेहतर जीवन की तस्वीर खींचकर रख देता है, मगर व्यावहारिक पक्ष पर बात करें, तो मुश्किलें कम नहीं हैं। 

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योजना जितनी अच्छी है, सरकारी सिस्टम उतना बुरा है। इसलिए बीमारियों का उपचार करने के लिए आयुष्मान कार्ड लेकर हास्पिटल पहुंचने वाले हर व्यक्ति का कड़ा इम्तिहान हो रहा है।
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योजना के एक वर्ष पूरे होने की उत्तराखंड में तो ये ही सूरत उभरकर सामने आ रही है। अमर उजाला आयुष्मान योजना से जुडे़ हर पक्ष को शामिल करते हुए एक सीरीज शुरू करने जा रहा है, जो बताएगा कि क्या स्थिति है और क्या होना चाहिए।

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अब तक 33 प्रतिशत आबादी के बन पाए गोल्डन कार्

अटल आयुष्मान योजना में अब तक उत्तराखंड की कुल आबादी के 33 प्रतिशत लोगों के ही गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। जबकि योजना के दायरे में प्रदेश के 23 लाख परिवार हैं। योजना में कार्ड धारकों को प्रति परिवार पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है।

लेकिन गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं को छोड़कर शेष बीमारियों के इलाज के लिए कार्ड धारक को पहले सरकारी अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य है। यदि सरकारी अस्पताल में इलाज न होने पाने की स्थिति में मरीज को दूसरे सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था है। 

केंद्र सरकार ने 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। केंद्र के मानकों के अनुसार प्रदेश के 5.37 लाख परिवार ही निशुल्क इलाज के लिए पात्र हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ने आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ाकर 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों के लिए निशुल्क सुविधा दी है। करीब 17.65 लाख परिवारों के इलाज का खर्च प्रदेश सरकार स्वयं वहन कर रही है।

जबकि केंद्र से 5.37 लाख पात्र परिवारों के इलाज पर होने का खर्च का भुगतान प्रदेश सरकार को किया जाएगा। वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार प्रदेश की आबादी एक करोड़ 86 लाख है। अब तक 32 लाख 87 हजार 704 लोगों के ही गोल्डन कार्ड बने हैं। जो प्रदेश की कुल आबादी का 33 प्रतिशत है। परिवारों की संख्या के आधार पर 60 प्रतिशत परिवारों को कार्ड दिए गए हैं। 

75 हजार 278 मरीजों का इलाज
आयुष्मान योजना में प्रदेश के 75 हजार 278 मरीजों का सरकारी और सूचीबद्ध प्राइवेट हास्पिटलों में निशुल्क इलाज किया गया। इस पर सरकार ने 72 करोड़ 87 लाख का व्यय किया है। आयुष्मान भारत में 430 मरीजों ने राज्य से बाहर के अस्पतालों में इलाज कराया है। जिस पर एक करोड़ की राशि व्यय की गई। 
 

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