डॉ मृत्युंजय मिश्रा को हटाने के बाद कराया विवि का शुद्घिकरण, हवन में शामिल हुए आयुष मंत्री
गुरुवार को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मृत्युंजय मिश्रा के इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार को आयुष मंत्री हरक सिंह रावत विश्वविद्यालय पहुंचे।
विवादित कुलसचिव डा मृत्युंजय मिश्रा के हटाए जाने के बाद कॉलेज में हवन और शुद्धिकरण कराया जा रहा है। हवन में डॉ हरक सिंह रावत भी शामिल हुए। उनका कहना है कि कॉलेज में व्याप्त अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ रही हैं। उन्होंने विवि का निरीक्षण भी किया
इसलिए छोड़ा पद
डा. मृत्युंजय मिश्रा ने शासन के आदेश के बाद आखिरकार उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव का पद छोड़ दिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को डा. एके त्रिपाठी को चार्ज सौंप दिया। अपने कार्यकाल में डा. मिश्रा कई बार विवादित रहे। हालांकि इस बीच उन्होंने कई बड़े फैसले भी लिए।
डा. मृत्युंजय मिश्रा ने करीब चार साल पहले आयुर्वेद विवि के कुलसचिव का कार्यभार संभाला था। तब आयुर्वेद विवि शुरुआती दौर में था।
इस बीच विवि के संबद्ध सबसे पुराने कॉलेज ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज और गुुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज फैकल्टी और अन्य कारणों से बंद होने की कगार पर पहुंच गए। कुलसचिव डा. मृत्युंजय मिश्रा ने ही इन दोनों कॉलेजों को आयुर्वेद विवि का परिसर बनाने का बड़ा फैसला लिया था।