राम मंदिर निर्माण : श्रीराम मंदिर भूमिपूजन में देवभूमि उत्तराखंड से भेजी जाएगी यह सौगात
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर होने वाले भूमि पूजन में हरिद्वार से गंगा का जल और रेत्ती भेजी जाएगी। विश्व हिंदू परिषद केक्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा और जिलाध्यक्ष नितिन गौतम ने बताया कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हिंदुओं की आस्था से जुड़े श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू होने जा रहा है।
पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूमि पूजन करेंगे। इसी कड़ी में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने श्री राम मंदिर के पूजन में गंगाका पवित्र जल और गंगा की रेत्ती भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को साधु-संतों के सानिध्य में गंगा जल का कलश और गंगा रेत्ती अयोध्या भेजी जाएगी, ताकि भूमि पूजन में उसका प्रयोग हो सके।
माता सीता की भूमि से कार्यकर्ता भेजेंगे माटी
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में जनपद पौड़ी का प्रत्येक विहिप कार्यकर्ता योगदान देने को लेकर उत्साहित है। जिलाध्यक्ष महेंद्र असवाल ने बताया कि विहिप का प्रत्येक कार्यकर्ता राम मंदिर निर्माण में अपनी क्षमता के अनुरूप योगदान देने को तत्पर है, लेकिन कोरोना के चलते कार्यकर्ता अयोध्या नहीं जा पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के कोट ब्लॉक स्थित सितोनस्यूं पट्टी के फलस्वाड़ी स्थित सीता माता मंदिर है। कार्यकर्ता सितोनस्यूं से माटी, चारों धामों से माटी व जल लेकर प्रदेश संगठन को सौंपेंगे।
असवाल ने बताया कि जनपद में विहित कार्यकर्ता स्वयं की क्षमता से अनुदान देने के साथ ही जिलेभर में एक हजार लोगों से अनुदान मांगेंगे। उन्होंने लोगों से राम मंदिर निर्माण के लिए खुलकर अनुदान देने की अपील की।
राम मंदिर के शिलान्यास में शामिल होंगे हिंदू परिषद के सदस्य
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीराम गोस्वामी व महामंत्री बीएस बुटोला ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर शिलान्यास में जिले से भी सदस्य शामिल होंगे, लेकिन अभी तक केदारनाथ धाम की मिट्टी व अलकनंदा/मंदाकिनी नदी के जल ले जाने के बारे में कुछ तय नहीं हुआ है। बताया कि 29 जुलाई को हरिद्वार में होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
जारी बयान में गोस्वामी व बुटोला ने बताया कि दशकों के इंतजार के बाद श्रीराम मंदिर निर्माण का सपना पूरा हो रहा है। इस पावन अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों से विहिप के चयनित सदस्य शामिल होंगे।
चारधाम की मिट्टी और नदियों का पवित्र जल ले जाने को लेकर अंतिम निर्णय 29 जुलाई को हरिद्वार में होने वाली बैठक में चर्चा के बाद तय किया जाएगा। साथ ही किस जनपद से कितने लोग अयोध्या जाएंगे इसकी सूची तैयार की जाएगी। बताया कि 03 अगस्त को चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी व उत्तरकाशी से परिषद के चयनित लोग अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे।