सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संत समाज ने किया स्वागत, निर्माण के लिए काली मंदिर पीठ देगा 11 लाख रुपये
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संत समाज ने स्वागत किया है। श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने राम मंदिर के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में भव्य रामलला मंदिर बनेगा।
मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने 11 लाख रुपये काली पीठ की ओर से दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने इस फैसले को कारसेवा के दौरान शहीद हुए कोठारी बंधुओं समेत सभी शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया।
नरेंद्र गिरि बोले, सुप्रीम फैसला पूरी तरह स्वीकार
अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला स्वागत योग्य है। इस फैसले से जहां हिंदू धर्मावलंबियों की भावनाओं का सम्मान हुआ है और रामजन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं मुस्लिम पक्ष के हितों का भी संरक्षण हुआ है। सभी को इस फैसले का स्वागत करना चाहिए।
परमाध्यक्ष जयराम आश्रम ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जजों ने जो फैसला दिया है, वह भारत की गंगा जमुनी तहजीब को और ज्यादा संरक्षित करने वाला है। हमारी यही परंपरा रही है कि एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें। सभी वर्गों को यह फैसला बड़े दिल से स्वीकार करते हुए इसकी भावनाओं का आदर करना चाहिए। सरकार को जल्द ही अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनाने की कवायद शुरू करनी चाहिए। साथ ही मस्जिद के निर्माण के प्रयास किए जाने चाहिए।
भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि अब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। बेहद सराहनीय फैसला देने के लिए मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई और अन्य न्यायाधीशों को साधुवाद। अब जल्द ही राम मंदिर बनना चाहिए। इस मंदिर में भगवान राम की जो प्रतिमा लगे उसमें नन्हें रामलला, माता कौशल्या की गोद में लेटे होने चाहिए। अन्य किसी प्रतिमा की जरूरत नहीं है। बहुत सराहनीय फैसला है।
शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद सराहनीय है। इससे भारत में सनातन धर्म के संरक्षण के लिए नए रास्ते खुलेंगे। न्यायपालिका ने जिस खूबसूरती से तथ्यों को समझकर यह फैसला दिया है, वह केवल भारत में ही संभव था। कुछ लोग अब भी माहौल में जहर घोलने की कोशिश कर रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से बचकर रहना है। अब जल्द ही राम मंदिर बनेगा।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि अयोध्या मसले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सत्य की हमेशा जीत होती है। इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि भगवान राम ही सत्य हैं, उनकी सत्ता सत्य है। आजादी के आंदोलन के समय महात्मा गांधी ने एक सपना देखा था कि जब हमारा देश आजाद होगा तो उसमें रामराज्य होगा और आज के फैसले के बाद बनने वाला राम मंदिर देश में राम राज्य की स्थापना करेगा। इस फैसले को सभी पक्षों को सहृदयता से स्वीकार करना चाहिए। जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने एकमत से यह फैसला दिया है, उन सभी को साधुवाद। यह निर्णय देश में रामराज्य स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।