फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Awaiting trace and track system to crack down on illegal mining and liquor smugglers Uttarakhand news in hindi

सिस्टम का फंसाना, कैसे भरे खजाना: अवैध खनन और शराब तस्करों पर नकेल कसने के लिए मजबूत कवच का हो रहा इंतजार

Sun, 03 Sep 2023 01:47 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 03 Sep 2023 01:47 PM IST
सार

अभी तक माइनिंग सर्विलेंस सिस्टम तैयार नहीं हो पाया है। ट्रैस एंड ट्रैक प्रणाली न बनने से शराब तस्करों पर नकेल कसने के इरादे भी ठंडे हैं। प्रदेश सरकार ने इस साल खनन से 875 करोड़ रुपये कमाई का लक्ष्य रखा है। चार महीने में 295 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष महज 200 करोड़ रुपये ही कमाए हैं।

विज्ञापन
Awaiting trace and track system to crack down on illegal mining and liquor smugglers Uttarakhand news in hindi
मीटिंग ( प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जीएसटी के बाद शराब और खनन कारोबार प्रदेश सरकार की कमाई के दो बड़े स्रोत हैं, मगर पिछले कई वर्षों से ये दोनों ही क्षेत्रों को शराब की तस्करी और अवैध खनन ने हर साल तय होने लक्ष्य को पूरा होने से रोका है। शराब और खनन में चोरी रोकने के लिए मजबूत कवच बनाने के दावे भी फिलहाल हवाई साबित हो रहे हैं।

विज्ञापन

सरकारी सिस्टम के फंसाने में अवैध खनन रोकने की योजना ठहर गई है। अभी तक माइनिंग सर्विलेंस सिस्टम तैयार नहीं हो पाया है। ट्रैस एंड ट्रैक प्रणाली न बनने से शराब तस्करों पर नकेल कसने के इरादे भी ठंडे हैं। प्रदेश सरकार ने इस साल खनन से 875 करोड़ रुपये कमाई का लक्ष्य रखा है। चार महीने में 295 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष महज 200 करोड़ रुपये ही कमाए हैं।

विज्ञापन

खुद खनन विभाग से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अवैध खनन, इसके भंडारण और परिवहन की अवैध गतिविधियों पर पूरी सख्ती के साथ पाबंदी लग जाए, तो सरकार साल में 1500 करोड़ रुपये तक कमा सकती है। इसके लिए सरकार ने खनन निगरानी तंत्र बनाने का निर्णय भी किया है, लेकिन इस योजना पर काम की रफ्तार बहुत धीमी है, जिससे अवैध खनन से जुड़े माफिया के इरादे बुलंद हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में छूट रहे पसीने
सरकार को शराब कारोबार से खासी आमदनी होती है। इस साल के लिए सरकार ने 4000 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा है, लेकिन इस कारोबार के लिए भी राज्य के अंदर और बाहर से शराब तस्करी सबसे बड़ी समस्या है। शराब की तस्करी रोकने के लिए सीएम के स्तर पर विभाग को कई बार ट्रैस एंड ट्रैक प्रणाली तैयार करने के लिए ताकीद किया गया है।

इसके बाद भी अभी विभाग इस योजना का अध्ययन में जुटा है। सिस्टम की इस धीमी चाल का फायदा शराब माफिया उठा रहे हैं और सरकार के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में पसीने छूट रहे हैं। जुलाई महीने तक विभाग 1655 करोड़ रुपये के सापेक्ष 1506 करोड़ रुपये ही कमा सकी।

ये होती है खनन निगरानी प्रणाली

खनन निगरानी प्रणाली (एमएसएस) : इस प्रणाली से किसी भी असामान्य गतिविधि का पता लगाने के लिए सेटेलाइट इमेजरी का उपयोग करके मौजूदा खनन पट्टा सीमा के आसपास 500 मीटर के क्षेत्र की जांच की जा सकती है। इस प्रणाली का उपयोग परिवहन और भंडारण पर ऑनलाइन निगरानी रखने में किया जा सकता है।

ट्रैस एंड ट्रैक प्रणाली

इस प्रणाली के तहत शराब फैक्टरी से जारी होने वाले शराब के वाहन जहां-जहां से भी गुजरेगा और जाएगा, उस पर ऑनलाइन निगरानी रहेगी। इससे शराब तस्करी रोकना आसान होगा।

सरकार की कमाई का डगमगाता लक्ष्य

खनन                                     आबकारी (धनराशि करोड़ में)

माह लक्ष्य पूरा हुआ                  लक्ष्य पूरा हुआ

अप्रैल 102 70                        662 395

मई 195 126                        993 804

जून 261 177                       1324 1166

जुलाई 295 200                    1655 1506

 

अवैध खनन रोकने के लिए माइनिंग सर्विलांस सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है। इस पर कार्रवाई गतिमान है। परिवहन विभाग से इस पर बात करके इस प्रणाली को जल्द लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। -डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव (खनन)

ये भी पढ़ें...Uttarakhand Weather: देरी से विदा होगा मानसून, महीनेभर में अधिकतर जिलों में हो सकती है कई दौर की बारिश

शराब की तस्करी रोकने के ट्रैस एंड ट्रैक प्रणाली को प्रदेश में लागू करने के लिए विभाग काम कर रहा है। अफसरों की एक टीम बनाई गई है, जो दक्षिण भारत के उन राज्यों का अध्ययन करेगी, जहां यह प्रणाली लागू है। प्रदेश में पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी की समस्या है। दूसरे राज्यों के लिए प्रणाली में क्या उपाय किए गए हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। - हरिचंद सेमवाल, सचिव, आबकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed