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जानिए कैसे यात्रियों को ‘लूट’ रहे ऑटो चालक?

Sun, 26 Feb 2017 12:20 PM IST
सुनीत द्विवेदी / अमर उजाला, देहरादून
सुनीत द्विवेदी / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 26 Feb 2017 12:20 PM IST
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auto driver looted passengers in dehradun
आटो - फोटो : demo pic

रेलवे स्टेशन आने वाले यात्रियों की सहूलियत के लिए यहां कई साल पहले प्रीपेड बूथ सर्विस शुरू की गई थी। लेकिन, वह चालकों की अराजकता के चलते फ्लाप हो गई।

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प्रीपेड बूथ के पास ही ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। ऑटो चालक प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। निर्धारित मानक से अधिक किराया वसूली, यात्रियों से बदसलूकी रोज की बात है। लेकिन, इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
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ऑटो-टैक्सी चालकों की दबंगई के चलते यात्रियों को काफी परेशानी होती है। ऑटो चालक यात्रियों को प्लेटफॉर्म से बाहर निकलते ही घेर लेते हैं। ट्रेन आने के दौरान तो वे प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाते हैं। यात्री बूथ तक पहुंचे उसके पहले ही वह मनमाने दाम में सौदा कर लेते हैं। ये सब रेलवे पुलिस के आंखों के सामने होता है, लेकिन वो कोई एक्शन नहीं लेते हैं। 
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बूथ को लेकर भी विवाद
प्रीपेड बूथ को लेकर ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच विवाद चल रहा है। दून ऑटो रिक्शा यूनियन रेलवे स्टेशन के अध्यक्ष राम सिंह का कहना है कि स्टेशन के बाहर मौजूद बूथ उनका है। जिस पर टैक्सी यूनियन ने कब्जा जमा लिया है। वहीं, टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि मसूरी बस अड्डे के बगल से हटाकर उन्हें यह बूथ दिया गया है। ऑटो यूनियन का इससे कोई लेना-देना नहीं है। 

प्रीपेड बूथ पर लटका रहता है ताला 
टैक्सी प्रीपेड बूथ पर ताला लटका रहता है। बूथ के बाहर कहीं भी कोई संपर्क नंबर नहीं है। ऐसे में यात्रियों मजबूरन ऑटो चालकों को अधिक किराया देकर गंतव्य की ओर जाना पड़ता है। 

ये हैं तय दरें
ऑटो: पहले एक किलोमीटर 20 रुपये, फिर इसके बाद नौ रुपये प्रति किलोमीटर। वहीं, रात में उपरोक्त दर का 25 प्रतिशत अधिक किराया।
टैक्सी कैब- 11 रुपये प्रतिकिलोमीटर।

कार्रवाई की जाती है। हर महीने 15 से 20 ऑटो-टैक्सी का चालान किया जाता है।
- अनुज सिन्हा, इंस्पेक्टर आरपीएफ

ऑटो-टैक्सी के खिलाफ रोजाना कार्रवाई की जाती है। हर महीने करीब 30 से 40 चालान करते हैं। लेकिन, इसके बाद भी ये अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं।
- दिनेश कुमार, एसओ जीआरपी

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