फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   auspicious time for vaishakhi snaan.

बैसाखी पर इस काल में करेंगे स्नान तो मिलेगा पुण्य

Wed, 13 Apr 2016 03:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 13 Apr 2016 03:48 AM IST
विज्ञापन
auspicious time for vaishakhi snaan.
स्नान

आज (बुधवार) को वैशाखी के अवसर पर पुण्यकाल में ही स्नान-दान करें। ज्योतिषियों के अनुसार संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 1.12 बजे शुरू होगा। इस दौरान स्नान-दान आदि का विशेष महत्व रहेगा। शाम 7.45 बजे सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे।

विज्ञापन


उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार सिंह राशि के बृहस्पति के संचार काल में जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है, उस दिन हरिद्वार में अर्द्धकुंभ पर्व का आयोजन होता है। 12 साल पहले भी 13 अप्रैल वर्ष 2004 को इस प्रकार का योग बना था। डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार इस वर्ष चैत्र शुक्ल सप्तमी तिथि बुधवार के दिन अर्धकुंभ का पुण्य योग बन रहा है। इस दिन गंगा स्नान का मुख्य पुण्यकाल सूर्योदय पूर्व अरुणोदय काल प्रात: 4.28 बजे से प्रात: 5.56 बजे तक और संक्रांति का पुण्य समय दोपहर एक बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होगा। पंडित ज्ञानेंद्र पांडे के अनुसार वैशाखी पर दोपहर एक बजकर 12 मिनट से दिन भर स्नान, दान, पूजा आदि करना पुण्यदाई रहेगा। 
विज्ञापन


यहां लगेगा मेला
वैशाखी के मौके पर चंद्रबनी स्थित गौतम कुंड में विशेष पूजा-अर्चना और गंगा मैया की आरती होगी। इसके साथ ही यहां मेले की शुरुआत होगी। इस संबंध में श्री गंगा उद्धार सेवा समिति के अध्यक्ष महंत हेमराज ने बताया कि इस बार मेले में पॉलिथीन पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा शहर के मंदिरों और गुरुद्वारों में भी विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यपाल ने दी शुभकामना 
वैशाखी की पूर्व संध्या पर राज्यपाल डॉ. केके पाल ने प्रदेश वासियों को शुभकामना संदेश दिया। राज्यपाल ने कहा कि वैशाखी के अवसर पर मैं सभी प्रदेश वासियों विशेषत: कृषि व्यवसाय से जुड़े नागरिकों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। यह कृषि पर्व सभी के जीवन में शांति, सुख एवं समृद्धि लाए। 


विधानसभा अध्यक्ष ने दी शुभकामना
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने प्रदेश वासियों को वैशाखी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह एक लोक परंपरागत त्योहार है। किसान खरीफ की फसल पकने पर अपनी खुशी के इजहार के रूप में वैशाखी पर्व मनाते हैं। खेतों में गेहूं के अलावा और भी फसलें उगाई जाती हैं, जैसे दालें, तिल और गन्ना। यह सभी फसलें गेहूं के साथ ही वैशाखी पर तैयार हो जाती हैं। जिसके पकने की खुशियां मनाई जाती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed