फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Atal Utkrisht Vidyalaya Teachers need posting in Dehradun and Haridwar Uttarakhand news in hindi

Uttarakhand: दुर्गम क्यों जाएं गुरुजी...अटल उत्कृष्ट विद्यालय के शिक्षकों को चाहिए दून और हरिद्वार में तैनाती

Mon, 15 Jan 2024 10:58 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 15 Jan 2024 10:58 AM IST
सार

अधिकतर शिक्षकों की तैनाती देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में हुई है, लेकिन पहाड़ के अधिकतर विद्यालयों में शिक्षकों के करीब आधे पद खाली हैं।

विज्ञापन
Atal Utkrisht Vidyalaya Teachers need posting in Dehradun and Haridwar Uttarakhand news in hindi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश के अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का मतलब शिक्षकों को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में तैनाती चाहिए। उन्हें इन जिलों के सुगम विद्यालयों में दुर्गम की सेवाओं का लाभ मिलने से पर्वतीय जिलों के विद्यालयों को शिक्षक नहीं मिल रहे।

विज्ञापन

इस स्थिति के चलते पर्वतीय जिलों के इन विद्यालयों में शिक्षकों के करीब आधे पद खाली हैं। प्रदेश में शिक्षा के लिए पलायन को कुछ हद तक रोका जा सके और पर्वतीय जिलों में बच्चे सीबीएसई बोर्ड से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर सकें, सरकार ने इसके लिए हर ब्लॉक के दो सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को वर्ष 2020 में अटल उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चलाए जाने का निर्णय लिया था।

विज्ञापन

पहाड़ के अधिकतर विद्यालयों में शिक्षकों के करीब आधे पद खाली
सरकार के इस निर्णय के बाद सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को चयनित कर उन्हें सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया गया। सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध इन विद्यालयों में सरकारी विद्यालयों से स्क्रीनिंग परीक्षा से शिक्षकों का चयन किया गया। शिक्षकों के चयन के बाद अधिकतर शिक्षक देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में तैनाती पा गए, लेकिन पहाड़ के अधिकतर विद्यालयों में शिक्षकों के करीब आधे पद खाली हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा विभाग की ओर से इन खाली पदों को भरा जा सके, इसके लिए विभाग ने एक बार फिर स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से इन विद्यालयों के लिए शिक्षकों का चयन किया, लेकिन काउंसलिंग के दौरान चयनित अधिकर शिक्षक पहाड़ में तैनाती को तैयार नहीं हैं।

शासन ने इन विद्यालयों के लिए की है यह व्यवस्था

शासन ने इन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए इस तरह की व्यवस्था की है कि यदि किसी शिक्षक की सुगम के विद्यालय में तैनाती होती है, तो उसकी सुगम की सेवा को दुर्गम की सेवा माना जाएगा, जबकि दुर्गम में एक साल की दुर्गम सेवा को दो साल की दुर्गम सेवा माना जाएगा।

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवक्ताओं के पद

जनपद विद्यालय स्वीकृत पद    कार्यरत पद खाली पद
पौड़ी  30  278 139   139
चमोली 18   175  91 84
अल्मोड़ा 22 204 130  74
चंपावत आठ     60 23 37
पिथौरागढ़ 16  164 95 69
रुद्रप्रयाग  छह  61 45 26

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: प्रदेश में होंगे विश्व के पांचों महाद्वीपों के वन्यजीवों के दीदार, केंद्र ने जारी किए 27 करोड़

प्रदेश के पर्वतीय जिलों के अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही विभाग की बैठक बुलाकर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। -डाॅ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed