उत्तराखंड में शुरू हुई अटल आयुष्मान योजना, जानें आपको क्या मिलेंगे फायदे और कैसे कराएं पंजीकरण
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उत्तराखंड में अटल आयुष्मान योजना आज से शुरू हो गई। रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल के मैदान में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने योजना का शुभारंभ किया। हजारों की संख्या में लाभार्थी भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। आज करीब 10 हजार लोगों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उनके साथ कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक विनोद चमोली, गणेश जोशी, हरबंस कपूर, खजान दास, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा, सहदेव पुंडीर समेत तमाम अन्य लोग मौजूद रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर शुरू हो रही इस योजना में 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों और 14 साल तक की आयु के बच्चों को सरकार निशुल्क ओपीडी की सुविधा देने जा रही है। 15 फरवरी 2019 से बुजुर्गों व बच्चों को ओपीडी में निशुल्क इलाज की सुविधा मिल सकती है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की, उन्होंने उत्तराखंड के सभी लोगों को इस योजना को शामिल करने की दिशा में काम शुरू किया। इसमें स्वास्थ्य सचिव नितेश झा और वित्त सचिव अमित सिंह नेगी ने विशेष सहयोग दिया। योजना का लाभ किस तरह मिलेगा, इसे लेकर किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्य के सरकारी अस्पतालों की सेवाएं सुधारने और उपचार में बेहतरी के लिए इनसेंटिव की व्यवस्था की गई है। उपचार का 35 परसेंट सरकारी अस्पतालों को सुविधाएं बढ़ाने के लिए दिया जाएगा।
कहा कि राज्य सरकार की ओर से जारी पत्र और कोई भी आईडी लेकर जाने से योजना का लाभ तुरंत मिलना शुरू हो जाएगा। इस योजना में किसी भी बीमा कंपनी को शामिल नहीं किया गया है। योजना में बिचौलियों को शामिल नहीं किया गया है। इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जो भी घोषणाएं की है, उनको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। 26 जनवरी से प्रदेश में एयर एंबुलेंस की सुविधा शुरू हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 108 के बेड़े को नई गाड़ियों से बदला जाएगा। 61 नई गाड़ियां फील्ड में उतारी जा चुकी है। जबकि अन्य गाड़ियों को तैयार करने का काम चल रहा है। टेली रेडियोलॉजी टेलीमेडिसिन को उन्होंने प्रदेश के लिए बेहद फायदेमंद बताया। उन्होंने बताया कि डिग्री के 40 अस्पतालों को टेलीमेडिसिन सेवा से जोड़ा गया है। कई बड़ी कंपनियां सीएसआर के तहत टेलीमेडिसिन की सुविधाएं दे रही हैं। उन्होंने बताया कि चमोली जिले के दूरस्थ सिवनी गांव को टेलीमेडिसिन के जरिए दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल से जोड़ा गया है, जिससे वहां के लोगों को घर के पास बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। पिछले डेढ़ साल में प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए बहुत प्रयास किए गए हैं। 1 वर्ष के दौरान करीब 900 डॉक्टरों की भर्ती की गई है। राज्य बनने और उनके मुख्यमंत्री बनने के समय लगभग 11 सौ चिकित्सक तैनात थे, जिनकी संख्या बढ़कर दो हजार के करीब हो गई है।
कहा कि 26 जनवरी से प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए योजना की लॉन्चिंग होगी। साथ ही पंजीकृत पत्रकारों को भी सरकारी कर्मचारियों की भांति योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में बुजुर्गों और बच्चों को सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क ओपीडी की सुविधा दी जाएगी।
अटल आयुष्मान योजना में एप से कराएं पंजीकरण
प्रदेश के सभी लोगों को मंगलवार से आयुष्मान योजना में पांच लाख तक निशुल्क इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो गई। प्रदेश के 23 लाख राशन कार्ड धारकों के साथ केंद्र के एसीसी सर्वे में चयनित 5.37 लाख लोगों व 2012 की वोटर लिस्ट में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, वे योजना में निशुल्क इलाज के लिए पात्र होंगे। इस अवसर पर योजना की वेबसाइट व मोबाइल एप भी लांच किया गया। एप व वेबसाइट के जरिये कोई भी व्यक्ति योजना में अपनी पात्रता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की सुविधा देने का प्रावधान है।
सरकारी डॉक्टरों व कर्मियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
आयुष्मान योजना में निशुल्क इलाज करने पर निजी अस्पतालों की तर्ज पर सरकारी अस्पतालों को भी भुगतान किया जाएगा। यदि व्यक्ति का इलाज सरकारी अस्पताल में होता है और उस पर 20 हजार रुपये का खर्च आता है, तो यह भुगतान संबंधित अस्पताल को होगा। जिसमें से 50 प्रतिशत राशि योजना को संचालित कर रही सोसायटी को मिलेगी। जबकि 25 प्रतिशत राशि अस्पताल में चिकित्सा उपकरणों, दवाईयों और अन्य व्यवस्थाओं के लिए दी जाएगी।
10 प्रतिशत राशि इनसेंटिव के रूप में नर्सों व अन्य कर्मचारियों को
इलाज पर होने वाले खर्च का 15 प्रतिशत डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा। 10 प्रतिशत राशि इनसेंटिव के रूप में नर्सों व अन्य कर्मचारियों को दी जाएगी। ‘अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना’ एप के माध्यम से आप अपना और परिवार का विवरण देख सकेंगे। गूगल प्ले स्टोर में आपको ‘अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना’ एप डाउनलोड करना होगा। एप में वोटर आईडी नंबर और नाम डालकर पता लगा सकेंगे कि आपका नाम है या नहीं। नाम न होने पर अपना या परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ सकते हैं।
2011 के सामाजिक आर्थिक और जातीय जनगणना में आपका नाम होना चाहिए या 2012 के राशन कार्ड या वोटर आईडी या मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड आपके पास होना चाहिए। इनमें से अगर आपके पास कोई भी प्रमाण होगा तो आप योजना के पात्र होंगे।
लाइव पूछ सकेंगे सवाल
फेसबुक और ट्वीटर पर आप जो सवाल पोस्ट करेंगे, उनका जवाब भी मिलेगा। यह संवाद अमर उजाला देहरादून के फेसबुक पेज पर लाइव भी देखा और सुना जा सकेगा। आप वॉट्सएप नंबर 7617566171 पर भी सवाल भेजे जा सकते हैं। 27 दिसंबर 2018 को सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक मोबाइल नंबर 9675201318 और 9675201319 पर कॉल कर सवाल पूछे जा सकते हैं।